भुजंगासन, मर्कट आसन हैं शरीर के लिए फायदेमंद, करें एक्सपर्ट सविता यादव के साथ

सीखें योग सविता यादव से

सीखें योग सविता यादव से

Yoga Session By Expert Savita Yadav- योग में आप एक दिन में निपुण नहीं बन सकते. अभ्यास करते हुए ही यह एक आदत के रूप में उभर कर आएगा. योग आपकी प्राण ऊर्जा में वृद्धि करता है और आपकी जीवनी शक्ति को भी बढ़ाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2021, 12:20 PM IST
  • Share this:
Yoga Session By Expert Savita Yadav- News18 Hindi के फेसबुक पेज पर आज हमने योग एक्सपर्ट सविता यादव से कई योग आसनों सहित छोटे-छोटे कई अभ्यासों को देखा और सीखा. इन अभ्यासों को करने से आप न केवल स्वस्थ (Healthy) बल्कि तनाव (Stress) मुक्त भी रह सकते हैं. योग में आप एक दिन में निपुण नहीं बन सकते. अभ्यास करते हुए ही यह एक आदत के रूप में उभर कर आएगा. योग आपकी प्राण ऊर्जा में वृद्धि करता है और आपकी जीवनी शक्ति को भी बढ़ाता है.

शलभासन
इस आसन को अंग्रेजी में ग्रासहोपर पोज बोलते हैं. इससे आपकी रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है. शलभासन वजन को कम करने के लिए एक अच्छी योग मुद्रा मानी जाती है. यह शरीर में चर्बी को खत्म करने में मदद करती है. शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए शलभासन एक अच्छी मुद्रा है. यह शरीर के हाथों, जांघों, पैरों और पिंडरी को मजबूत करता है, इसके साथ यह पेट की चर्बी को कम करके उसे सुंदर बनाता है.

शलभासन करने का तरीका
शलभासन करने लिए सबसे पहले आप किसी साफ स्थान पर चटाई बिछा कर उलटे पेट के बल लेट जाएं यानि आपकी पीठ ऊपर की ओर रहे और पेट नीचे जमीन पर रहे. अपने दोनों पैरो को सीधा रखें और अपने पैर के पंजे को सीधे तथा ऊपर की ओर रखें. अपने दोनों हाथों को सीधा करें और उनको जांघों के नीचे दबा लें यानी अपना दायां हाथ दायीं जांघ के नीचे और बायां हाथ बायीं जांघ के नीचे दबा लें. अपने सिर और मुंह को सीधा रखें. फिर अपने को सामान्य रखें और एक गहरी सांस अंदर की ओर लें. अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें, जितना हो सकता हैं उतना अपनी अधिकतम ऊंचाई तक पैरों को ऊपर करें.





भुजंगासन
भुजंगासन, सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से 8वां है. भुजंगासन को सर्पासन, कोबरा आसन या सर्प मुद्रा भी कहा जाता है. इस मुद्रा में शरीर सांप की आकृति बनाता है. ये आसन जमीन पर लेटकर और पीठ को मोड़कर किया जाता है जबकि सिर सांप के उठे हुए फन की मुद्रा में होता है.

भुजंगासन के फायदे
-रीढ़ की हड्डी में मजबूती और लचीलापन
-पेट के निचले हिस्से में मौजूद सभी अंगों के काम करने की क्षमता बढ़ती है
-पाचन तंत्र, मूत्र मार्ग की समस्याएं दूर होती हैं और यौन शक्ति बढ़ती है
-मेटाबॉलिज्म सुधरता है और वजन कम करने में मदद मिलती है
-कमर का निचला हिस्सा मजबूत होता है
-फेफड़ों, कंधों, सीने और पेट के निचले हिस्से को अच्छा खिंचाव मिलता है
-डिप्रेशन में भी इससे फायदा मिलता है
-अस्थमा में भी राहत

पर्वत आसन: इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.यह आसन आपके शरीर के लिए अनके प्रकार से लाभदायक है. यह आसन रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव देता है. इसके साथ यह पीठ दर्द और गर्दन दर्द में राहत दिलाता है.

मर्कट आसन
मर्कट आसन करने के लिए मैट पर लेट जाएंगे पैर का घुटना ऊपर की तरफ रखें दोनों हाथ बाहर की ओर खुलेंगे दोनों हाथ कंधे के समानांतर बिल्कुल सीधे रहेंगे अब अपने पैर को घुटने से आहिस्ता आहिस्ता ऊपर की ओर मोड़ें इसके बाद दोनों पैर के घुटने को दाहिनी तरफ फर्श से लगा देंगे या क्रिया 4 से 5 सेकंड तक ऐसे ही फर्श पर स्पर्श रखेंगे और चेहरा विपरीत दिशा में घुमा देंगे अब धीमे-धीमे दोनों पैर को ऊपर की ओर और चेहरा सामने की ओर लाएं. अब ठीक किसके विपरीत करेंगे.

मर्कट आसन के लाभ
मर्कट आसन से रीढ़ की हड्डी लचीली होगी साथ ही पीठ संबंधी सभी परेशानियों से छुटकारा मिलेगा.
जांघे भी शेप में आएंगी साथ ही आपका शरीर भी फुर्तीला होगा.

शवासन:
मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए. पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें. पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए. हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें. पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें. धीरे धीरे इसे कम करें. जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज