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  • YOGA SESSION 8 MAY 2021 WITH SAVITA YADAV DO EXERCISE FOR CONSTIPATION BGYS

Yoga Session- कब्ज की पुरानी समस्या भी होगी छूमंतर, करें ये कमाल के योग

योगाभ्‍यास करने से शरीर में एनर्जी का संचार होता है और बीमारियों से बचाव रहता है.

Yoga Session- लॉकडाउन में घर पर बैठे रहने और शारीरिक गतिविधियां काफी कम हो जाने के कारण कई लोगों को कब्ज की समस्या सामने आ रही है. ये योग दिलाएंगे समस्या से राहत...

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    Yoga Session- आज के योग सेशन में शरीर की कब्ज की समस्या को हल करने और इम्यूनिटी (Immunity) मजबूत करने वाले आसनों के बारे में जानकारी दी गई और सिखाया गया. कोरोना की दूसरी लहर (Coronavirus second wave) की वजह से लॉकडाउन एक बार फिर से बढ़ रहा है. ऐसे में घर पर बैठे रहने और शारीरिक गतिविधियां काफी कम हो जाने के कारण कई लोगों को कब्ज की समस्या सामने आ रही है. और यह समय इम्यूनिटी को मजबूत करना भी है ऐसे में इस समस्याओं के समाधान के लिए जहां हेल्दी डाइट (Healthy Diet) जरूरी है, वहीं नियमित तौर पर योगाभ्‍यास भी करना चाहिए. योगाभ्‍यास करने से शरीर में एनर्जी का संचार होता है और कई तरह की बीमारियों से बचाव रहता है. बॉडी की क्षमता के अनुसार ही योगाभ्‍यास करें. इनसे कब्ज तो ठीक होगा ही शरीर का इम्‍यून सिस्‍टम भी बेहतर रहता है. ऐसे में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिन में एक घंटा योग जरूर करें.

    ग्रीवा शक्ति विकासक योगासन: इस योग क्रिया को करने के लिए अपनी जगह पर खड़े हो जाएं. जो लोग खड़े होकर इस क्रिया को करने में असमर्थ हैं वे इसे बैठकर भी कर सकते हैं. जो जमीन पर नहीं बैठ सकते वे कुर्सी पर बैठकर भी इसका अभ्यास कर सकते हैं. कंफर्टेबल पोजीशन में खड़े होकर हाथों को कमर पर टिकाएं. शरीर को ढीला रखें. कंधों को पूरी तरह से रिलैक्स रखें. सांस छोड़ते हुए गर्दन को आगे की ओर लेकर आएं. चिन को लॉक करने की कोशिश करें. जिन लोगों को सर्वाइकल या गर्दन में दर्द की समस्या हो वह गर्दन को ढीला छोड़ें चिन लॉक न करें. इसके बाद सांस भरते हुए गर्दन को पीछे की ओर लेकर जाएं.



    इंजन दौड़: इंजन दौड़ योग-स्टीम इंजन की तरह होती है. जैसे स्टीम इंजन चलते हुए छुक छुक की आवाज करता है, उसी तरह इस क्रिया को करते हुए सांस की आवाज निकलती है. इसमें, हाथों और पैरों को वैलेट की तरह चलाना पड़ता है. अब बात करते हैं इस क्रिया के लाभ की. इंजन क्रिया से फेफड़ों का विकास होता है. फेफड़ों में ताज़ा हवा जाती है. इसके अलावा, नाड़ियों का भी अत्यंत तेजी से विकास होता है. इस क्रिया को नियमित रूप से करने से चेहरा कांतिमान हो जाता है. इंजन क्रिया मोटापा दूर करने के लिए अच्छा योग माना जाता है. इसे करने से पेट, कमर, जांघों आदि की चर्बी कम होने लगती है. यह क्रिया दौड़ का अभ्यास करने वाले लोगों को काफी फायदा पहुंचाती है.

    तिर्यक ताड़ासन: तिर्यक ताड़ासन करने से कमर की चर्बी करे कम होती है और कब्ज दूर होता है. तिर्यक ताड़ासन करके पेट की कई दिक्‍कतों से छुटकारा पाया जा सकता है. कब्ज, कमर के पास जमी चर्बी और शरीर को लचीला बनाने के लिए तिर्यक ताड़ासन बहुत फायदा देता है.

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    मलासन: मल निकालते वक्त हम जिस अवस्था में बैठते हैं उसे मलासन कहते हैं. बैठने की यह स्थति पेट और पीठ के लिए बहुत ही लाभदायक रहती है.

    कैसे करें मलासन: दोनों घुटनों को मोड़ते हुए मल त्याग करने वाली अवस्था में बैठ जाएं. फिर दाएं हाथ की कांख को दाएं और बाएं हाथ की कांख को बाएं घुटने पर टिकाते हुए दोनों हाथ को मिला दें (नमस्कार मुद्रा). उक्त स्थिति में कुछ देर तक रहने के बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं.

    मलासन के फायदे: मलासन से घुटनों, जोड़ों, पीठ और पेट का तनाव खत्म होता है और इनका दर्द कम होता है. इससे कब्ज और गैस की समस्या से भी मुक्ति मिलती है.

    बटरफ्लाई आसन: बटरफ्लाई आसन को तितली आसन भी कहते हैं. महिलाओं के लिए ये आसन विशेष रूप से लाभकारी है. बटरफ्लाई आसन करने के लिए पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं,रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. घुटनो को मोड़ें और दोनों पैरों को श्रोणि की ओर लाएं. दोनों हाथों से अपने दोनों पांव को कस कर पकड़ लें. सहारे के लिए अपने हाथों को पांव के नीचे रख सकते हैं. एड़ी को जननांगों के जितना करीब हो सके लाने का प्रयास करें. लंबी,गहरी सांस लें, सांस छोड़ते हुए घटनों एवं जांघो को जमीन की तरफ दबाव डालें. तितली के पंखों की तरह दोनों पैरों को ऊपर नीचे हिलाना शुरू करें. धीरे धीरे तेज करें. सांसें लें और सांसे छोड़ें. शुरुआत में इसे जितना हो सके उतना ही करें. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं.

    नौकासन: नौकासन जैसा कि नाम से ही स्पष्ट हैं इसमें शरीर को नाव के आकार में करना होता है. इस योग को करने से पेट और हिप्स पर काफी दबाव पड़ता है और वो टोंड होते हैं. साथ ही पेल्विक एरिया की मांसपेशियों में काफी कसावट और मजबूती आती है. इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं. अब अपने दोनों पैरों को एक साथ जोड़ लें और अपने दोनों हाथों को भी शरीर के साथ लगा लें. इसके बाद एक गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों को पैरों कि ओर खींचते हुए अपने पैरों के साथ अपनी छाती को उठाएं. अब एक लंबी और गहरी सांसे लेते हुए आसन को बनाए रखते हैं और फिर सांस छोड़ते हुए विश्राम करें.
    Published by:Bhagya Shri Singh
    First published: