पहली बार बनी हैं मां तो आपको जरूर पता होनी चाहिए बेबी केयर से जुड़ी ये बातें

पहली बार बनी हैं मां तो आपको जरूर पता होनी चाहिए बेबी केयर से जुड़ी ये बातें
बच्चे को स्नेह के साथ आपके स्‍पर्श की भी जरूरत होती है.

नवजात बच्‍चा (Newly Born Baby) कुछ बोल नहीं सकता. अपनी दिक्‍कतें और जरूरतें बता नहीं सकता. ऐसे में जरूरी है कि एक मां होने के नाते आप उसके भूख लगने (Feeling Hungry) के समय और नींद के वक्‍त का पूरा ध्‍यान रखें. इन्‍हीं से बच्‍चे की सेहत (Health) जुड़ी हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 12:02 PM IST
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जब कोई महिला पहली बार मां बनती है तो उसे अपने बच्‍चे की देखभाल के बारे में अपनी सेहत (Health) का किस तरह ख्‍याल रखना है, इसकी जानकारी कम ही होती है. ऐसे में नई मां के लिए बेबी केयर टिप्स (Baby Care Tips) की जानकारी होना जरूरी है. ता‍कि बच्‍चा स्‍वस्‍थ (Healthy) रहे और उसकी देखभाल अच्‍छी तरह की जा सके. आज हम इसी से जुड़े कुछ बेबी केयर टिप्‍स बताने जा रहे हैं. इनकी मदद से बच्‍चे की देखभाल (Care) के साथ उसके पोषण और साफ-सफाई पर खास ध्‍यान दिया जा सके.

सफाई का रखें पूरा ध्‍यान
हेल्‍थसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले एक मां को अपनी सफाई पर ध्‍यान देना जरूरी होता है. ताकि जब नवजात बच्चे को अपनी गोद में लिया जाए, तो उसको गंदगी की वजह से कोई इंफेक्‍शन न होने पाए.

बच्‍चे को अच्‍छी तरह गोद में उठाएं
अब बारी आती है कि यह सीखने-समझने की कि अपने बच्‍चे को गोद में किस तरह लिया जाए. इसको लेकर बहुत एहतियात बरतनी पड़ती है. बच्चे को अगर ठीक से गोद में नहीं लिया जाता, तो उसकी रीढ़ की हड्डी और उसकी गर्दन की हड्डियों में दबाव बन सकता है. ऐसे में उसको दर्द की समस्‍या हो सकती है. बेबी केयर विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चे को गोद में लेते समय उसके सिर और रीढ़ की हड्डी को सहार देते हुए उसे गोद में उठाना चाहिए.



बच्‍चे को हिलाना नहीं चाहिए
अक्सर देखा जा सकता है कि रोते बच्‍चे को चुप कराने के लिए उसे गोद में लेकर हिलाने लगते हैं. नवजात शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक बच्‍चों को हिलाने से उनको झटका लग सकता है. बच्चे के ब्रेन पर असर पड़ सकता है. इसकी बजाय बच्‍चे को धीरे-धीरे हल्की थपकी के साथ सहलाएं.

मां का प्‍यार भरा स्‍पर्श जरूरी
मां बनने के बाद आपको यह जानना भी जरूरी है कि बच्चे को स्नेह के साथ आपके स्‍पर्श की भी जरूरत होती है. इसलिए अपने बच्चे को अपने शरीर का स्‍पर्श दें. इससे आपके बच्चे को आपकी गर्मी मिलती है और सकी धड़कनों को नियमित करने में भी यह तरीका मददगार है.

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बच्‍चे की भूख और नींद का ख्‍याल रखें
बच्‍चा कुछ बोल कर बता नहीं सकता, ऐसे में जरूरी है कि उसकी जरूरत को समझा जाए. इस बात का खास ध्‍यान रखें कि बच्चे को कब क्‍या जरूरत है. नए जन्‍मे बच्‍चे की दो जरूरतें जरूरी हैं. इनमें एक उसको समय पर दूध देना और दूसरा उसकी पूरी नींद होना. ध्‍यान रखें कि बच्‍चे को हर दो घंटे में भूख लग सकती है. इसके अलावा एक नवजात बच्‍चा 24 घंटे में 16 से 20 घंटे की नींद लेना चाहता है. साथ ही यह भी ध्यान रखें कि बच्चे का पेट दूध से भर पा रहा है या नहीं. अगर बच्‍चे का पेट नहीं भर पा रहा है, तो उसके लिए फीड्स बोतल तैयार रखें.
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