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रोड सेफ्टी वीक के बारे में वो सब बातें जो आपको पता होनी चाहिए

News18Hindi
Updated: January 14, 2019, 5:29 PM IST
रोड सेफ्टी वीक के बारे में वो सब बातें जो आपको पता होनी चाहिए
रोड सेफ्टी वीक के बारे में वो सब बातें जो आपको पता होनी चाहिए

इन बातों को ध्यान में रखते हुए #RoadSafetyWeek में #RoadToSafety की प्रतिज्ञा लेते हुए सुरक्षित रूप से गाड़ी चलाने और #DriveResponsibly का तरीका अपनाएं.

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  • Last Updated: January 14, 2019, 5:29 PM IST
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रोड सेफ्टी वीक पूरे भारत में 11 जनवरी, 2020 से 17 जनवरी, 2020 तक मनाया जा रहा है. यह 31वां रोड सेफ्टी वीक है. उपमहाद्वीप में एक हफ्ते लंबी चलने वाली इस पहल का मकसद सड़कों को सुरक्षित बनाना है. भारत की सड़कों को पूरी तरह से दुर्घटना-मुक्त क्षेत्र बनाने के करीब पहुंचाने और जागरूकता फैलाने के लिए कई तरीके इस्तेमाल किए जाएंगे.

रोड सेफ्टी वीक की ज़रूरत क्यों है?

2015 में भारत ने खुद से वादा किया था कि वह सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत और दुर्घटनाओं को आधा कर देगा. ऐसा ब्रासीलिया घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करके तय हुआ था. बहरहाल, 5 साल बाद भी यह सपना अधूरा है. जबकि कार दुर्घटना में होने वाली मौतों की संख्या में ज़रूर कमी आई. हालांकि, यह संख्या 2016 के 1.50 लाख से घटकर 2017 में 1.47 लाख हो गई, जबकि यह 2018 में बढ़कर 1.49 लाख हो गई. यह आंकड़ें भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रकाशित अंतिम रिपोर्ट के हैं.
इसलिए रोड सेफ्टी वीक में कई कार्यक्रमों के ज़रिए जागरुकता फैलाने का काम किया जाता है.



रोड सेफ्टी वीक के दौरान क्या होता है?

भारत में रोड सेफ्टी वीक के दौरान, स्ट्रीट सेफ्टी के लिए काम करने वाले पुलिस बल और अन्य विभाग 1988 के मोटर वाहन अधिनियम और 2019 के मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक के बारे में जागरूकता फैलाएंगे. कई वर्कशॉप, सेमिनार और मीटिंग का आयोजन किया जाएगा जिसमें लोगों को सरकार के नियम कायदों की जानकारी दी जाएगी. सिर्फ सावधानी बरतने के उपायों पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया जाएगा, बल्कि बैनर, पैंपलेट्स और हैंड आउट्स के ज़रिए जनता को शिक्षित किया जाएगा. कई स्थानों पर आपातकालीन संपर्क नंबर (इमरजेंसी कॉन्टेक्ट नंबर) वाले बोर्ड लगाए जाएंगे.

मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 क्या है?
मूल मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में आया था, जिसमें 2019 में संशोधन विधेयक के ज़रिए कुछ बदलाव किए गए. कई राज्यों के परिवहन मंत्रियों के समूह की कई सिफारिशों के आधार पर संशोधन विधेयक में कई अहम बिंदुओं को जोड़ा गया. इसमें नियम तोड़ने वालों पर लगाया जाने वाला जुर्माना बढ़ाया ग गया, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण का समय एक महीने से बढ़ाकर एक साल करना और सड़क दुर्घटना के पीड़ित को इमरजेंसी मेडिकल प्रदान करना शामिल है. इसके अलावा, ड्राइवर को लाइसेंस नवीनीकरण करते समय अपनी क्षमता साबित करनी होगी. इसके अतिरिक्त, दुर्घटना के दौरान मृत्यु या गंभीर चोट की स्थिति में मिलने वाले मुआवजे की राशि बढ़ाई गई है.

सामान्य सड़क सुरक्षा नियम क्या हैं, जो हर किसी को पता होने चाहिए और उसका पालन करना चाहिए?
कोई भी नागरिक भारत की सड़क सुरक्षा की आलोचना का मौका नहीं छोड़ता, लेकिन ऐसा बहुत कुछ है जो जमीनी स्तर पर हर कोई कर सकता है. कुछ सामान्य ट्रैफिक नियम हैं जिसका पालन करना आपको हमेशा याद रखना चाहिए. सबसे आसान काम है ट्रैफिक लाइट्स को पालन करना और सड़क संकेतों (रोड साइन) को लेकर भी सावधान रहना चाहिए, गाड़ी चलाते समय समय एक ही लाइन में रहें, ज़रूरत होने पर इंडिकेटर का इस्तेमाल करें और यह पक्का करें कि गाड़ी चलाते समय आपका लाइसेंस एक्सपायर नहीं हुआ हो. ‘L’ और ‘baby on board’ का साइन देखकर दूसरे लोग आपके आसपास सावधानी से गाड़ी चलाएंगे. अंतिम लेकिन सबसे अहम बात, गाड़ी हमेशा पार्किंग ज़ोन में ही खड़ी करें.

इन बातों को ध्यान में रखते हुए #RoadSafetyWeek में #RoadToSafety की प्रतिज्ञा लेते हुए सुरक्षित रूप से गाड़ी चलाने और #DriveResponsibly का तरीका अपनाएं.

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First published: January 20, 2020, 5:49 PM IST
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