4 कारण जो बताते हैं कि भावनाओं को व्यक्त करना क्यों है जरूरी

4 कारण जो बताते हैं कि भावनाओं को व्यक्त करना क्यों है जरूरी
भावनाओं को साझा करने से बढ़ता है प्‍यार. Image Credit: Andrea-Piacquadio/Pexels

बेहतर रिश्ते (Better Relation) के लिए जरूरी है क‍ि संवाद (Conversation) का रास्‍ता खुला रखा जाए. जब दो लोग आपस में अपनी भावनाएं व्‍यक्‍त करते हैं तो उनका रिश्‍ता और मजबूत होता जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated : January 13, 2021, 5:13 pm IST
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    हमने अक्सर सुना है कि बातचीत यानी संवाद (Conversation) जारी रहना एक बेहतर रिश्ते (Better Relation) के लिए जरूरी है. ऐसे में कपल (Couple) को हमेशा एक दूसरे से संवाद के जरिये जुड़े रहना चाहिए. इसकी वजह यह है कि इससे उन्हें अपनी भावनाओं को बाहर निकालने में मदद मिलती है और इससे वे एक दूसरे के बारे में अधिक जान सकते हैं. हालांकि आज की भागदौड़ भरी लाइफ में एक समय निकालना बहुत मुश्किल है, मगर दिन का कुछ समय वह चाहें डिनर का हो या लंच का, ऐसा जरूर होता है, जब दो लोग साथ होते हैं. ऐसे में इस दौरान अपने पार्टनर से अपनी फीलिंग्‍स जरूर कहें. ऐसे में यह जरूर जान लें कि किसी रिश्ते में अपनी भावनाओं के को अपने पार्टनर से व्‍यक्‍त करना क्यों महत्वपूर्ण है.

    भावनाएं व्‍यक्‍त करने का है यह फायदा
    जब कपल अपनी भावनाओं और विचारों को एक-दूसरे से बांटना शुरू करते हैं, तो-

    1. आपस में बात करते रहने से रिश्तों में आने वाली कड़वाहट दूर होती है. क्योंकि वे एक-दूसरे को और उनके विचारों को जानते हैं. इसलिए यह भविष्य में उन्हें बिना किसी संघर्ष के एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने में मदद करता है.



    2. जब वे अपनी भावनाओं को साझा करते हैं, तो वे एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति महसूस करते हैं.

    3. वे जितना अपनी भावनाओं को एक-दूसरे के साथ साझा करते हैं, उतना ही उनका रिश्ता मजबूत और सार्थक होता है.

    4. जब दो लोग अपने विचारों और भावनाओं के बारे में बात करते हैं, तो यह उन्‍हें बेहतर बातचीत की ओर जाता है.

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    एग्रेसिव रवैया न अपनाएं
    पिछले कुछ दिनों के अपने आपसी रिश्‍ते के बारे में सोचें. आप देखेंगे कि एक दूसरे से अपनी भावनाएं व्‍यक्‍त करने का आप पर बेहतर प्रभाव पड़ा है. आपने निराशा में अपने पार्टनर को अपने करीब महसूस किया है और काफी सीखा है. मगर आपकी बातचीत का केंद्र केवल आप हों, सिर्फ घटनाओं पर ध्यान केंद्रित न करें, बल्कि इस बात पर ध्यान केंद्रित करें कि आपका साथी आपकी प्रतिक्रियाओं के बारे में क्या सोचता और कहता है. युगल को इस बात का पूरा ध्‍यान रखना चाहिए कि वे पिछली घटनाओं के बारे में शिकायत न करें. न ही किसी बात पर एग्रेसिव रवैया अपनाएं. इसके बजाय अपनी भावनाओं और विचारों को साझा करें.