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शमशेर बहादुर सिंह 'मूड्स' के कवि हैं 'विज़न' के नहीं

शमशेर बहादुर सिंह 'मूड्स' के कवि हैं 'विज़न' के नहीं

शमशेर बहादुर सिंह कवि हैं--सिर्फ कवि. न शुद्ध कविता का कवि, न 'कवियों का कवि.

शमशेर बहादुर सिंह कवि हैं--सिर्फ कवि. न शुद्ध कविता का कवि, न 'कवियों का कवि.

शमशेर बहादुर सिंह विचारों में प्रगतिवादी परंतु शैली से प्रयोगवादी कवि थे. प्रयोगवाद और नई कविता के शीर्ष कवियों में इनका स्थान है.

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    आधुनिक हिंदी कविता के प्रगतिशील कवि और हिंदी तथा उर्दू के विद्वान शमशेर बहादुर सिंह (Shamsher Bahadur Singh) की आज पुण्यतिथि है. उनका जन्म 13 जनवरी 1911 में और मृत्यु 12 मई 1993 को हुई थी.

    शमशेर बहादुर सिंह विचारों में प्रगतिवादी परंतु शैली से प्रयोगवादी कवि थे. प्रयोगवाद और नई कविता के शीर्ष कवियों में इनका स्थान है. इनकी कविताएं आधुनिक काव्य-बोध के अधिक निकट हैं.

    डॉक्टर नामवर सिंह उनके बारे में लिखते हैं “शमशेर के लिए इतना ही काफी है कि वे कवि हैं–सिर्फ कवि. न शुद्ध कविता का कवि, न ‘कवियों का कवि’, न प्रयोग का कवि और न प्रगति का ही कवि.! कुछ कवि ऐसे होते हैं जिन्हें हर विशेषण छोटा कर देता है.”

    वे कहते हैं, “सम्भवतः वे (शमशेर) इस आदर्श को मानते हैं कि कविता को कभी मत प्रकट नहीं करना चाहिए.”

    वरिष्ठ कवि और आलोचक मलयज (भरत श्रीवास्तव) एक जगह लिखते हैं, “शमशेर ‘मूड्स’ के कवि हैं किसी ‘विज़न’ के नहीं.”

    काव्य और गद्य में अभिनव प्रयोग के लिए उन्हें तमाम सरकारों ने अलग-अलग सम्मानों से सम्मानित किया. 1977 में “चुका भी हूं नहीं मैं” (Chuka Bhi Hun Nahin Main) के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार (Sahitya Akademi), 1987 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ‘मैथिली शरण गुप्त पुरस्कार’ और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ही 1989 में ‘कबीर सम्मान’ से सम्मानित किया गया.

    शमशेर बहादुर सिंह की चुनिंदा कविताएं

    ”ऐसा लगता है जैसे
    तुम चारों तरफ से मुझसे लिपटी हुई हो
    मैं तुम्हारे व्यक्तित्व के मुख में
    आनंद का स्थायी ग्रास…हूं
    मूक”
    (शमशेर बहादुर सिंह/ प्रतिनिधि कविताएं- राजकमल प्रकाशन)
    शमशेर बहादुर सिंह की रचनाएं-

    काव्य-कृतियां-
    – कुछ कविताएं – (प्रकाशक- कामाच्छा, वाराणसी)
    – कुछ और कविताएं – (राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली)
    – चुका भी हूं नहीं मैं – (राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली)
    – इतने पास अपने – (राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली)
    – उदिता : अभिव्यक्ति का संघर्ष – (वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली)
    – बात बोलेगी – (सम्भावना प्रकाशन, हापुड़)
    – काल तुझसे होड़ है मेरी – (वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली)
    – कहीं बहुत दूर से सुन रहा हूं – (राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली)
    – सुकून की तलाश में – (वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली)

    गद्य रचनाएं-
    – दो आब (निबंध-संग्रह- सरस्वती प्रेस, बनारस)
    – प्लाट का मोर्चा- (कहानी और स्केच, न्यू लिटरेचर, इलाहाबाद)
    – कु्छ गद्य रचनाएं- (संभावना प्रकाशन, हापुड़)
    – कुछ और गद्य रचनाएं- (संपादक- रंजना अरगड़े)

    शमशेर बहादुर पर केन्द्रित साहित्य
    – आलोचना (पत्रिका), सहस्राब्दी अंक चालीस, शमशेर बहादुर सिंह पर केन्द्रित, जनवरी-मार्च 2011
    – एक शमशेर भी है -२०11 (संपादक-दूधनाथ सिंह, राजकमल प्रकाशन)
    – समझ भी पाता तुम्हें यदि मैं (शमशेर की 13 कविताओं पर एकाग्र) -2012 (मेधा बुक्स, शाहदरा, दिल्ली)
    – स्मरण में है जीवन : शमशेर बहादुर सिंह (यश पब्लिकेशंस, नवीन शाहदरा, दिल्ली)
    – शमशेर की आलोचना दृष्टि -2011 (सामयिक प्रकाशन, नई दिल्ली)
    – शमशेर बहादुर सिंह की आलोचना-दृष्टि – 2019 (लोकभारती प्रकाशन, प्रयागराज)

    Tags: Books, Hindi Writer, Life

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