होम /न्यूज /साहित्य /गुलज़ार, जावेद अख्तर और जैरी पिंटो से गुलजार होगा राजकमल प्रकाशन का 'मुंबई किताब उत्सव'

गुलज़ार, जावेद अख्तर और जैरी पिंटो से गुलजार होगा राजकमल प्रकाशन का 'मुंबई किताब उत्सव'

राजकमल प्रकाशन अपने 75वें वर्ष में विभिन्न शहरों में 'किताब उत्सव' आयोजित कर रहा है.

राजकमल प्रकाशन अपने 75वें वर्ष में विभिन्न शहरों में 'किताब उत्सव' आयोजित कर रहा है.

10 से 14 फरवरी, 2023 को चंडीगढ़ में 'किताब उत्सव' का आयोजन सम्पन्न हुआ था. चंडीगढ़ 'किताब उत्सव' में हिंदी सहित पंजाबी और ...अधिक पढ़ें

    हाइलाइट्स

    राजकमल प्रकाशन अपने 75वें वर्ष में विभिन्न शहरों में 'किताब उत्सव' आयोजित कर रहा है.
    इस बार 19 मार्च से मुंबई में होगा राजकमल प्रकाशन का 'किताब उत्सव'.
    19 से 23 मार्च तक 5 दिन के 'मुंबई किताब उत्सव' में जुटेंगे देशभर के साहित्यकार.

    राजकमल प्रकाशन 19 से 23 मार्च तक मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में ‘किताब उत्सव’ का आयोजन करने जा रहा है. पांच दिनों तक चलने वाले इस ‘किताब उत्सव’ में देश के नामी-गिरामी साहित्यकार हिस्सा लेंगे. किताब उत्सब में राजकमल प्रकाशन की कई पुस्तकों का लोकार्पण होगा और विभिन्न पुस्तकों पर परिचर्चा और लेखकों से बातचीत के सत्र आयोजित किए जाएंगे.

    मुंबई ‘किताब उत्सव’ का उद्घाटन ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित मूर्धन्य मराठी लेखक भालचन्द्र नेमाड़े, साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लक्ष्मण गायकवाड़ और सुप्रसिद्ध उपन्यासकार अब्दुल बिस्मिल्लाह करेंगे.

    राजकमल किताब उत्सव के विभिन्न सत्रों में मशहूर निर्देशक-गीतकार गुलज़ार, जावेद अख़्तर, उपन्यासकार विश्वास पाटील, अंग्रेजी लेखक जैरी पिंटो सहित कई नामचीन लेखक पाठकों से रूबरू होंगे. इस अवसर पर गोविंद निहलानी, दयाल निहलानी, शरण कुमार लिम्बाले, अंबरीश मिश्र, रंजीत कपूर, सीमा कपूर, धीरेन्द्र अस्थाना, गौरव सोलंकी, रामकुमार सिंह, सत्यांशु सिंह, बोधिसत्व, युनुष खान, यतीश कुमार, शेषनाथ पांडे, शैलजा पाठक, अनु सिंह चौधरी, संजय सिंह, विवेक अग्रवाल, प्रकृति कारगेती, मोनिका सिंह हिमानी शिवपुरी, चित्रा देसाई, प्रेमरंजन अनिमेष, विमल चंद्र पांडेय, मिथिलेश प्रियदर्शी, फरीद खां, राहुल श्रीवास्तव आदि उपस्थित होंगे.

    मुंबई में आयोजित किए जाने वाले ‘किताब उत्सव’ को लेकर राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी ने कहा कि देश की आजादी की पूर्ववेला में स्थापित राजकमल प्रकाशन अपनी शुरुआत से ही श्रेष्ठ पुस्तकों के जरिये समाज को बौद्धिक सांस्कृतिक रूप से उन्नत बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है. 75 वर्ष के अपने सफर में हमने अपने तमाम पाठकों, लेखकों और शुभेच्छुओं के स्नेह सहयोग से अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं.

    रचनाकार को राजनीति की गोद में जाकर नहीं बैठना चाहिए- आलोक श्रीवास्तव

    उन्होंने कहा कि राजकमल प्रकाशन समूह का संकल्प हर उम्र, हर वर्ग के लोगों तक देश-दुनिया का साहित्य पहुंचाना है. साहित्य से हमारा मतलब ज्ञान के लिए आवश्यक सभी विषयों और विधाओं की किताबें हैं.

    अशोक महेश्वरी ने बताया कि राजकमल प्रकाशन की स्थापना 28 फरवरी, 1947 को दिल्ली में हुई थी. राजकमल प्रकाशन अपने 75वें हीरक जयंती वर्ष में देश के विभिन्न शहरों में ‘किताब उत्सव’ आयोजित कर रहा है. ‘किताब उत्सव’ के दौरान अलग-अलग साहित्यिक, सांस्कृतिक और समसामयिक विषयों एवं राजकमल प्रकाशन समूह की पुस्तकों पर आधारित परिचर्चा आयोजित की जाती है. पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई जाती है. राजकमल प्रकाशन अब तक वाराणसी, भोपाल, पटना और चंडीगढ़ में ‘किताब उत्सव’ का आयोजन कर चुका है.

    Tags: Books, Hindi Literature, Literature

    टॉप स्टोरीज
    अधिक पढ़ें