होम /न्यूज /साहित्य /शायरी: फ़िराक़ गोरखपुरी के 10 चुनिंदा शेर

शायरी: फ़िराक़ गोरखपुरी के 10 चुनिंदा शेर

फ़िराक़ गोरखपुरी स्नातक करने के बाद आई.सी.एस. में चुने गए. लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़ दी और स्वराज्य आंदोलन में कूद पड़े.

फ़िराक़ गोरखपुरी स्नातक करने के बाद आई.सी.एस. में चुने गए. लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़ दी और स्वराज्य आंदोलन में कूद पड़े.

रघुपति सहाय को शायरी की दुनिया में "फ़िराक़ गोरखपुरी" के नाम से जाना जाता है. फ़िराक़ गोरखपुरी उर्दू के प्रसिद्ध रचनाका ...अधिक पढ़ें

एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं

बहुत पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं
तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं

तुम मुख़ातिब भी हो क़रीब भी हो
तुम को देखें कि तुम से बात करें

ग़रज़ कि काट दिए ज़िंदगी के दिन ऐ दोस्त
वो तेरी याद में हों या तुझे भुलाने में

इक उम्र कट गई है तिरे इंतिज़ार में
ऐसे भी हैं कि कट न सकी जिन से एक रात

रफ़्ता रफ़्ता ग़ैर अपनी ही नज़र में हो गये
वाह री ग़फ़्लत तुझे अपना समझ बैठे थे हम

यह नर्म नर्म हवा झिलमिला रहे हैं चिराग़
तेरे ख़्याल की खुश्बू से बस रहे हैं दिमाग़

मुझको मारा है हर इक दर्द-ओ-दवा से पहले
दी सज़ा इश्क ने हर ज़ुर्म-ओ-खता से पहले

कोई नयी ज़मीं हो, नया आसमाँ भी हो
ए दिल अब उसके पास चले, वो जहाँ भी हो

किसी का यूं तो हुआ कौन उम्र भर फिर भी
ये हुस्न-ओ-इश्क़ तो धोका है सब, मगर फिर भी

Tags: Hindi Literature, Hindi Writer, Literature

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें