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Mahindra Kabira Festival: बनारस के घाट पर जुटेंगे दिग्गज कलाकार और साहित्यकार

Mahindra Kabira Festival: बनारस के घाट पर जुटेंगे दिग्गज कलाकार और साहित्यकार

26 से 28 नवंबर को वाराणसी में महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल-2021 का आयोजन होने जा रहा है.

26 से 28 नवंबर को वाराणसी में महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल-2021 का आयोजन होने जा रहा है.

ऐतिहासिक नगरी बनारस (Varanasi) में गंगा नदी के किनारे साहित्य और कलाप्रेमी मिलकर फिर से संगीत, साहित्य और आख्यान के माध्यम से 15वीं सदी के रहस्यवादी कवि कबीर को याद करेंगे. 26 से 28 नवंबर को वाराणसी में महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल-2021 का आयोजन होने जा रहा है. दो दिन चलने वाले इस आयोजन में शास्त्रीय और लोकसंगीत के साथ वार्ता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कबीर के जीवन से जुड़ी जगह दिखातीं नौका की सैर, और सम्मोहित कर लेने वाली गंगा आरती प्रमुख आकर्षण होंगे.

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    Mahindra Kabira Festival 2021: एक साल के इंतज़ार के बाद महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल-2021 एक बार फिर से श्रोताओं और कला प्रेमियों का स्वागत करने के लिए तैयार है.

    ऐतिहासिक नगरी बनारस (Varanasi) में गंगा नदी के किनारे साहित्य और कलाप्रेमी मिलकर फिर से संगीत, साहित्य और आख्यान के माध्यम से 15वीं सदी के रहस्यवादी कवि कबीर को याद करेंगे.

    26 से 28 नवंबर को वाराणसी में महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल-2021 का आयोजन होने जा रहा है. दो दिन चलने वाले इस आयोजन में शास्त्रीय और लोकसंगीत के साथ वार्ता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कबीर के जीवन से जुड़ी जगह दिखातीं नौका की सैर, और सम्मोहित कर लेने वाली गंगा आरती प्रमुख आकर्षण होंगे. शहर के ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था सिर्फ ‘सेफ’ होने की स्थिति में ही कराई जाएगीं.

    महिन्द्रा ग्रुप के उपाध्यक्ष जय शाह ने महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल-2021 के बारे में बताया कि महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल 2021 आशा और उम्मीद के वादे के साथ वापस हाज़िर है. ये बदलती हुई दुनिया में एक नई शुरुआत को दर्शाता है, वो दुनिया जिसे हम किसी भी तरह नज़रंदाज नहीं कर सकते. ऐसा संसार जो सहानुभूति और प्रेम से परिपूर्ण है, वो संसार जो कबीर के मन के करीब था.

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    उन्होंने बताया कि इस बार कबीरा फेस्टिवल में सुप्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी (Malini Awasthi), शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली (kalapini komkali), प्रसिद्ध गायिका निराली कार्तिक (Nirali Kartik), सितार वादक पुरबायन चटर्जी (Purbayan Chatterjee), मलयालम गायक गायत्री असोकन (Gayatri Asokan), कर्नाटक संगीत की बेमिसाल जोड़ी रंजनी-गायत्री (Ranjani–Gayatri), लोककवि जुम्मा खान (Jumme Khan), दास्तानगो और मुहर्रम कला के कलाकार अस्करी नकवी और बनारस घराना के पंडित अनूप मिश्रा (Pandit Anoop Mishra) अपनी प्रस्तुति देंगे.

    फेस्टिवल में जाने-माने अदाकार एम.के. रैना के सदाबहार नाटक “कबीरा खड़ा बाज़ार में” (Kabira Khada Bazar Me) को आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया जायेगा. इस नाटक को लिखा था भीष्म साहनी ने.

    Tags: Hindi Literature

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