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विचारों को पनपने के लिए हरी घास, खुली धूप चाहिए- द्वारिका उनियाल


प्रभा खेतान फाउंडेशन की पहल 'कलम' में कवि द्वारिका उनियाल की कविताओं पर चर्चा की गई.

प्रभा खेतान फाउंडेशन की पहल 'कलम' में कवि द्वारिका उनियाल की कविताओं पर चर्चा की गई.

प्रभा खेतान फाउंडेशन (Prabha Khaitan Foundation) की एक साहित्यिक पहल 'कलम' का उद्देश्य हिंदी साहित्य को लोकप्रिय बनाना ...अधिक पढ़ें

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देश में साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए निरंतर कार्यरत कोलकाता स्थित प्रभा खेतान फाउंडेशन ने अजमेर में साहित्य और लेखकों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही पहल ‘कलम’ का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में लेखक, अध्यापक और कवि द्वारिका उनियाल और अमित राजवंशी के बीच साहित्यिक चर्चा का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम में लेखक और कवि द्वारिका उनियाल के जीवन और रचनाकर्म पर विस्तार से चर्चा की गई. अपने सफर के बारे मे बात करते हुए उन्होंने साझा किया कि उनकी पैदाइश उत्तराखंड में हुई, पढ़ाई राजस्थान में हुई. जीवनयापन के सिलसिले में देश के विभिन्न स्थानों पर कार्य किया. वर्तमान में प्रोफेसर उनियाल बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय विद्यालय (आरवी) यूनिवर्सिटी में उप-कुलपति और डीन के पद पर सेवारत हैं.

द्वारिका उनियाल ने जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं, प्रशासनिक और अध्यापन के अनुभवों को साझा किया. उन्होंने लेखन के प्रति उनकी प्रेरणा और आकांक्षाओं को भी श्रोताओं के साथ साझा किया.

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द्वारिका उनियाल का हाल ही में पहला काव्य संग्रह “उम्मीदों के पँख” प्रकाशित हुआ है. उनका पहला ही संग्रह काफी चर्चित रहा है. इस संग्रह की शीर्षक कविता इस प्रकार है-

सपनों को उड़ने के लिए,
हवाई जहाज का टिकट नहीं लगता
बस,
पलकों को उम्मीदों के पंख चाहिए

ख्याल पकाने के चूल्हे कम नहीं,
नई सोच के कोयलों को एक चिंगारी चाहिए

सुर्ख कंक्रीट की ईमारतों में ज्ञान कसमसाता है,
विचारों को पनपने के लिए हरी घास, खुली धूप चाहिए

इस संग्रह में बाईस साल बाद के बाईस मिनट, उधार की हसरतें, अजीब हैं ये मकड़ियां जैसी कई मार्मिक और ह्रदय स्पर्शी कविताएं हैं.

प्रभा खेतान फाउंडेशन की कलम
स्थानीय साहित्य को समर्थन और प्रोत्साहित करने के लिए प्रभा खेतान फाउंडेशन (Prabha Khaitan Foundation-PKF) की एक साहित्यिक पहल ‘कलम’ (Kalam) शुरू की है. कलम का उद्देश्य हिंदी साहित्य को लोकप्रिय बनाना है. इस पहल के माध्यम से अनुभवी और युवा लेखकों, कवियों को उनके लेखन तथा स्थानीय साहित्य के प्रति प्रेम के बारे में बात करने के लिए एक मंच प्रदान करना है.

Tags: Hindi Literature, Hindi poetry, Hindi Writer, Literature, Poem

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