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वरिष्ठ कवि रामदरश मिश्र को सरस्वती सम्मान, काव्य संग्रह 'मैं तो यहां हूं' के लिए हुए सम्मानित

प्रो. रामदरश मिश्र की काव्य कृति ‘मैं तो यहां हूं’ के लिए उन्हें 'सरस्वती सम्मान' से सम्मानित किया गया.

प्रो. रामदरश मिश्र की काव्य कृति ‘मैं तो यहां हूं’ के लिए उन्हें 'सरस्वती सम्मान' से सम्मानित किया गया.

प्रो. रामदरश मिश्र प्रतिष्ठित कवि, उपन्यासकार और कहानीकार हैं. संस्मरण, आत्मकथा, ललित निबंध, आलोचना आदि विधाओं में भी उ ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली : हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार प्रो. रामदरश मिश्र को वर्ष 2021 के सरस्वती सम्मान से सम्मानित किया गया है. वरिष्ठ लेखक प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने श्री मिश्र को के. के. बिरला फाउंडेशन के सरस्वती सम्मान से अलंकृत किया.

नई दिल्ली के साहित्य अकादमी सभागार में आयोजित समारोह में केके बिरला फाउंडेशन के निदेशक डॉ. सुरेश ऋतुपर्ण ने प्रो. रामदरश मिश्र को प्रस्तति पत्र और नकद राशि भेंट की. रामदरश मिश्र को उनके काव्य संग्रह ‘मैं तो यहां हूं’ के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया.

केके बिरला फाउंडेशन द्वारा दिया जाने वाला साहित्य का यह प्रतिष्ठित पुरस्कार किसी भी भारतीय भाषा के लिए दिया जाता है. इस बार यह सम्मान हिंदी की पुस्तक को मिला है. हिंदी में यह सम्मान प्राप्त करने वाले प्रो. मिश्र तीसरे साहित्यकार हैं. इनसे पहले वर्ष 1991 में डॉ. हरिवंशराय बच्चन को और 2013 में गोविन्द मिश्र को यह सम्मान प्रदान किया गया था. इस बार 31वां सरस्वती सम्मान प्रदान किया गया.

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वरिष्ठ गीतकार ओम निश्चल ने कहा कि 98 वर्ष की उम्र में भी प्रो. रामदरश मिश्र निरंतर साहित्य की सेवा में लगे हुए हैं. उन्होंने अपनी साहित्य लेखन यात्रा ‘पथ के गीत’ से आरम्भ की थी. रामदरश मिश्र का जन्म गोरखपुर जिले के डुमरी गांव में 14 अगस्त, 1924 को हुआ था. उनकी कविताओं में गांव के दृश्य अक्सर दिखाई देते हैं. ग्रामीण सौंदर्य से सराबोर उनकी कविताओं में प्रकृति की अलग झलक दिखाई पड़ती है.

Tags: Hindi Literature, Hindi poetry, Hindi Writer, Literature, Poem

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