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Sahitya Akademi Award 2021: हिंदी के लिए दया प्रकाश सिन्हा और अंग्रेजी के लिए नमिता गोखले को साहित्य अकादमी पुरस्कार

Sahitya Akademi Award 2021: हिंदी के लिए दया प्रकाश सिन्हा और अंग्रेजी के लिए नमिता गोखले को साहित्य अकादमी पुरस्कार

साहित्य अकादेमी ने आज 20 भाषाओं में अपने वार्षिक साहित्य अकादेमी पुरस्कार-2021 की घोषणा की.

साहित्य अकादेमी ने आज 20 भाषाओं में अपने वार्षिक साहित्य अकादेमी पुरस्कार-2021 की घोषणा की.

साहित्य अकादमी पुरस्कारों की अनुशंसा 20 भारतीय भाषाओं के निर्णायक समितियों द्वारा की गई थी. साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कम्बार की अध्यक्षता में आयोजित अकादमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में गुरुवार को इन्हें अनुमोदित किया गया.

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    Sahitya Akademi Award 2021 list: साहित्य अकादमी ने इस वर्ष के प्रतिष्ठित ‘साहित्य अकादमी पुरस्कारों’ की घोषणा कर दी है. साहित्य अकादेमी ने आज 20 भाषाओं में अपने वार्षिक साहित्य अकादेमी पुरस्कार-2021 की घोषणा की. इस वर्ष हिंदी साहित्य के लिए वरिष्ठ लेखक दया प्रकाश सिन्हा और अंग्रेजी के लिए नमिता गोखले को साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है.

    पुरस्कारों की अनुशंसा 20 भारतीय भाषाओं के निर्णायक समितियों द्वारा की गई थी. साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कम्बार की अध्यक्षता में आयोजित अकादमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में गुरुवार को इन्हें अनुमोदित किया गया.

    डॉ. चंद्रशेखर कम्बार ने बताया कि साहित्य अकादमी पुरस्कारों (Sahitya Akademi Award 2021 ) के चयनित रचनाओं में सात कविता संग्रह, पांच कहानी संग्रह, दो उपन्यास, दो नाटक, एक जीवन चरित्र, एक आत्मकथा, एक महाकाव्य और एक आलोचना की पुस्तक शामिल है. साहित्य अकादमी पुरस्कार 1 जनवरी, 2015 से 31 दिसंबर, 2019 के दौरान पहली बार प्रकाशित पुस्तकों पर दिया गया है. पुरस्कार में एक लाख रुपये की नकद राशि, ताम्रफलक, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा.

    Sahitya Akademi award 2021

    हिंदी के लिए दया प्रकाश सिन्हा
    हिंदी साहित्य में साहित्य अकादमी सम्मान के लिए वरिष्ठ लेखक और नाटककार दया प्रकाश सिन्हा को प्रदा किया जाएगा. उनके नाटक ‘सम्राट अशोक’ को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है. दया प्रकाश सिन्हा (Daya Prakash Sinha) का जन्म 2 मई, 1935 का उत्तर प्रदेश के कासगंज में हुआ था. वे अवकाशप्राप्त आईएएस अधिकारी होने के साथ-साथ हिन्दी के प्रतिष्ठित लेखक, नाटककार, नाट्यकर्मी, निर्देशक व चर्चित इतिहासकार हैं.

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    दया प्रकाश सिन्हा विभिन्न राज्यों की प्रशासनिक सेवाओं में रहे. साहित्य कला परिषद, दिल्ली प्रशासन के सचिव, भारतीय उच्चायुक्त, फिजी के प्रथम सांस्कृतिक सचिव, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी व ललित कला अकादमी के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के निदेशक जैसे अनेकानेक उच्च पदों पर रहने के पश्चात सन 1993 में भोपाल स्थित भारत भवन के निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए.

    Vani Prakashan

    कला और साहित्य में योगदान के लिए दया प्रकाश सिन्हा को संगीत नाटक अकादमी के “अकादमी अवार्ड”, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के “लोहिया सम्मान” और हिन्दी अकादमी, दिल्ली के “साहित्यकार सम्मान” से अलंकृत किया जा चुका है.

    वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है ‘सम्राट अशोक’
    दया प्रकाश सिन्हा का नाटक ‘सम्राट अशोक’ वाणी प्रकाशन (Vani Prakashan) से प्रकाशित हुआ है. इस सम्मान पर दया प्रकाश सिन्हा ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि साहित्य अकादेमी द्वारा किसी नाटककार को सम्मानित किया गया है. उन्होंने कहा कि नाटक एक द्विआयामी विधा है. सम्राट अशोक नाटक साहित्य भी है और इसका सफलतापूर्वक मंचन भी हो चुका है.

    वाणी प्रकाशन ग्रुप चेयरमैन व प्रबन्ध निदेशक अरुण माहेश्वरी ने कहा कि जयशंकर प्रसाद के बाद महत्वपूर्ण समकालीन नाटककारों में दया प्रकाश सिन्हा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है जो स्वयं निर्देशक व अभिनेता रहे हैं. और यह पुरस्कार भारत की प्रमुख केंद्रीय साहित्यिक अकादेमी द्वारा श्रेष्ठ साहित्य के चयन का प्रतीक है.

    अंग्रेजी साहित्य के लिए नमिता गोखले का चयन
    नमिता गोखले प्रसिद्ध लेखिका, संपादक और प्रकाशक हैं. उनका पहला उपन्यास पारो: ड्रीम्स ऑफ पैशन (Paro: Dreams of Passion) वर्ष 1984 में प्रकाशित हुआ था. उन्होंने दूरदर्शन के शो किताबनामा: बुक्स एंड बियॉन्ड (Kitaabnama: Books and Beyond) की मेजबानी की. नमिता गोखले साहित्य जगत के प्रतिष्ठित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (Jaipur Literature Festival) की संस्थापक और सह-निदेशक हैं.

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    साहित्य अकादमी ने अंग्रेजी साहित्य के अकादमी पुरस्कार के लिए नमिता गोखला का उपन्यास ‘थिंग्स टू लीव बिहाइंड’ (Things to Leave Behind) को चुना है.

    अन्य भाषाओं में इन्हें मिलेगा साहित्य अकादमी पुरस्कार
    साहित्य अकादमी ने असमिया साहित्य (Assamese literature) के लिए अनुराधा शर्मा पुजारी के उपन्यास ‘इयत ऐखन आरोन्या असिल’, बांग्ला साहित्य (Bengali literature) के लिए ब्रत्य बासु के नाटक ‘मीरजाफर ओ अनन्य नाटक’, बोडो साहित्य के लिए मोदाय गाहाय के कविता संग्रह ‘खर सायाव आरो हिमालय’, डोगरी साहित्य के लिए राज राही के कहानी संग्रह ‘नमें टन्नल’, कन्नड साहित्य के लिए डीएस नागभूषण के जीवन सचित्र ‘गांधी कथाना’, कश्मीरी साहित्य के लिए वली मोहम्मद असीर किश्तवारी की आलोचना ‘तवाजुन’, कोंकणी साहित्य के लिए संजीव वेरेंकार के कविता संग्रह ‘रक्तचंदन’, मलयालम साहित्य के लिए जॉर्ज ओनाक्कूर की आत्मकथा ‘ह्रदयारंगगल’, मराठी साहित्य (Marathi Literature) के लिए किरण गुरव के कहानी संग्रह ‘बलूच्या अवस्थांतराची डायरी’, नेपाली साहित्य के लिए छविलाल उपाध्याय के महाकाव्य ‘उषा-अनिरुद्ध’, ओडिया साहित्य के लिए ह्रषिकेश मल्लिक के कविता संग्रह ‘सरिजैथिबा अपेरा’, पंजाबी साहित्य (Punjabi Literature) के लिए खालिद हुसैन के कहानी संग्रह ‘सूलां दा सालण’, राजस्थानी साहित्य (Rajasthani literature) के लिए मीठेश निर्मोही के कविता संग्रह ‘मुगती’, संस्कृत साहित्य (Sanskrit Literature) के लिए विन्ध्येश्वरी प्रसाद मिश्र विनय के कविता संग्रह ‘सृजति शंखनादं किल’, संताली साहित्य के लिए निरंजन हांसदा के कहानी संग्रह ‘माने रेना अरहंग’, सिंधी साहित्य के लिए अर्जुन चावला के कविता संग्रह ‘नेना निंदाखरा’, तमिल साहित्य के लिए अम्बई के कहानी संग्रह ‘सिवप्पुक कजूट्टुतन ओरु पक्केई परवाई’ और तेलुगु साहित्य के लिए गोराति वेंकन्ना के कविता संग्रह ‘वल्लकीतालम’ को चुना गया है.

    Tags: Hindi Literature, Literature

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