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प्रसिद्ध कवि बालस्वरूप राही 'साहित्य अकादमी बाल साहित्य पुरस्कार' से सम्मानित

प्रसिद्ध कवि बालस्वरूप राही 'साहित्य अकादमी बाल साहित्य पुरस्कार' से सम्मानित

बालस्वरूप राही को उनके कविता संग्रह 'संपूर्ण बाल कविताएं' के लिए Sahitya Akademi Bal Sahitya पुरस्कार प्रदान किया गया.

बालस्वरूप राही को उनके कविता संग्रह 'संपूर्ण बाल कविताएं' के लिए Sahitya Akademi Bal Sahitya पुरस्कार प्रदान किया गया.

साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक (Madhav Kaushik,) ने सम्मानित लेखकों को प्रतीक चिह्न आदि से अलंकृत किया. असमिया में लेखक मधुरिमा घारफालिया (Madhurima Gharphalia) को उनके लघुकथा संग्रह 'फूसोंग' के लिए साहित्य अकादमी बाल साहित्य पुरस्कार प्रदान किया गया.

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    Sahitya Akademi Award 2020: हिंदी के वरिष्ठ कवि और गीतकार बालस्वरूप राही को वर्ष 2020 के ‘साहित्य अकादमी बाल साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है.

    भुवनेश्वर (Bhubaneswar) के जयदेव भवन में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में बालस्वरूप राही (Balswaroop Rahi) को उनके कविता संग्रह ‘संपूर्ण बाल कविताएं’ के लिए उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया. 24 भारतीय भाषाओं के बाल रचनाकारों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया.

    सचिव डॉक्टर के. श्रीनिवास राव ने बताया कि साहित्य अकादमी द्वारा पहली बार भुवनेश्वर में बाल साहित्य पुरस्कारों (Sahitya Akademi Bal Sahitya Puraskar) का वितरण किया गया. उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर में अंतिम बार 2012 में अनुवाद पुरस्कार प्रदान किए गए थे. लगभग एक दशक बाद फिर से ओडिशा की धरती पर साहित्य अकादमी पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया है.

    सचिव डॉ. के. श्रीनिवास राव ने बताया कि यह पुरस्कार पहले के पांच वर्षों में प्रकाशित पुस्तकों पर विचार करते हुए प्रदान किए जाते हैं. सम्मानित लेखक को ताम्रफल, स्मृति चिह्न और 50,000 रुपये की राशि का चेक प्रदान किया जाता है.

    Ramakant Rath

    वरिष्ठ ओड़िया साहित्यकार रमाकांत रथ पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि थे.

    साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक (Madhav Kaushik,) ने सम्मानित लेखकों को प्रतीक चिह्न आदि से अलंकृत किया. वरिष्ठ ओड़िया साहित्यकार रमाकांत रथ (Ramakant Rath) पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि थे.

    असमिया में लेखक मधुरिमा घारफालिया (Madhurima Gharphalia) को उनके लघुकथा संग्रह ‘फूसोंग’ के लिए साहित्य अकादमी बाल साहित्य पुरस्कार प्रदान किया गया.

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    बांग्ला में यह पुरस्कार प्रचेता गुप्त (Pracheta Gupta) को उनकी कहानी ‘गोपोन बक्सो खुलते नेई’ के लिए दिया गया. बोडो भाषा में यह सम्मान अजित बर (Ajit Boro) को उनके निबंध ‘गथसा बिसाम्बि’ के लिए दिया गया. डोगरी में शिव देव सुशील (Shiv Dev Sushil) को कहानी संग्रह ‘दादी दा हिरख’, अंग्रेजी में वेनिता कोल्हो (Venita Coelho) को उनकी कृति ‘डेड एज़ ए डोडो’ के लिए यह सम्मान दिया गया.

    Hafiz Karnataki

    उर्दू भाषा में यह सम्मान हाफिज कर्नाटकी (Hafiz Karnataki) को उनकी जीवनी ‘फ़ख़-ए-वतन’ को दिया गया.

    गुजराती भाषा में बाल साहित्य पुरस्कार नटवर पटेल को उनके कहानी संग्रह ‘भुरीनी अजायब सफर’ के लिए प्रदान किया गया. कन्नड में एचएस ब्याकोड की रचना ‘नानू अम्बेडकर’ के लिए बाल साहित्य पुरस्कार दिया गया.

    कश्मीरी भाषा में सैयद अख्तर हुसैन मंसूर, कोंकणी में वी. कृष्ण वाध्यार, मैथिली में सियाराम झा सरस, मलयालम में ग्रेसी, मणिपुर में नाउरेम बिद्यासागर, मराठी में आबा गोविंदा महाजन (Aba Mahajan), नेपाली में ध्रुव चौहान, ओडिया में रामचंद्र नायक, पंजाबी में कर्नेल सिंह सोमल (Karnail Singh Somal), राजस्थानी में मंगत बादल (Mangat Badal), संस्कृत में अरविंद कुमार तिवारी (Aravind Kumar Tiwari), संताली में जोयराम टुडु, सिन्धी में साहिब बिजाणी, तमिल में एस. बालभारती, तेलुगु में कन्नेगंटि अनसूया और उर्दू भाषा में यह सम्मान हाफिज कर्नाटकी (Hafiz Karnataki) को उनकी जीवनी ‘फ़ख़-ए-वतन’ को दिया गया.

    Tags: Hindi Literature

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