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दास्तानगोई के माध्यम से अंकित चड्ढा श्रोताओं से सीधा रिश्ता कायम करते हैं- हिमांशु बाजपेयी

'तो हाज़िरीन हुआ यूं' पुस्तक अंकित चड्ढा द्वारा कही गईं दास्तानाओं का संकलन है.

'तो हाज़िरीन हुआ यूं' पुस्तक अंकित चड्ढा द्वारा कही गईं दास्तानाओं का संकलन है.

दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी ने अंकित चड्ढा को याद करते हुए कहा कि अंकित ने बहुत ही कम उम्र में दास्तानगोई के अगल ही मुका ...अधिक पढ़ें

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Lucknow Book Fair: लखनऊ में आयोजित 19वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला में मशहूर दास्तानगो अंकित चड्ढा की पुस्तक ”तो हाज़िरीन हुआ यूं” का लोकार्पण हुआ. दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी और युवा शायर अभिषेक शुक्ला ने पुस्तक का लोकार्पण किया. राजकमल प्रकाशन से छपकर आई पुस्तक ”तो हाज़िरीन हुआ यूं” अंकित चड्ढा की दास्तागोई का संकलन है.

बता दें कि मई 2018 में अंकिता चड्ढा की एक हादसे में मौत हो गई थी. पुणे के पास उकसान झील में डूबने से अंकित चड्ढा की मौत हुई थी. जानकारी के मुताबिक, अंकित पुणे में एक कार्यक्रम में अपनी एक प्रस्तुति के लिए गए हुए थे. वहां घूमने के दौरान एक झील में उनका पैर फिसल गया और उनकी मौत हो गई.

अब चार साल बाद उनकी पुस्तक आई है. दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी ने अंकित चड्ढा को याद करते हुए कहा कि अंकित ने बहुत ही कम उम्र में दास्तानगोई के अगल ही मुकाम हासिल किया. उन्होंने कहा कि अंकित ने एक खत्म होती विधा को न केवल नया मुकाम दिया बल्कि भारत से बाहर भी दास्तानगोई को स्थापित किया.

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हिमांशु ने बताया कि दास्तान एक लंबी कहानी होती है जो किस्सा-दर-किस्सा आगे बढ़ती है. लेकिन 19वी सदी के शुरूआती समय में दास्तानगोई जैसी परंपरा लगभग खत्म-सी हो गई थी. लेकिन वर्तमान समय में इस कला को फिर से नई ऊर्जा मिली. एक दास्तान कहने वालों की नई पीढ़ी तैयार हो रही है. लेकिन इस पीढ़ी में अंकित का नाम बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है. अंकित के पास जो संजिदगी की सुनाने की थी, वह हर किसी के पास नहीं होती. वह हर सुनने वाले से सीधा संवाद करते नजर आते हैं. हर सुनने वाले को लगता है कि अंकित निजीतौर पर उन्हें ही दास्तान सुना रहे हैं. दास्तान के माध्यम से अंकित श्रोताओं से सीधा रिश्ता कायम करते हैं.

हिमांशु बाजपेयी ने कहा कि भले ही भौतिक रूप से अंकित हमारे साथ न हो, लेकिन दस्तानाओं के माध्यम से सदियों तक लोगों के दिलों में राज करेंगे.

Tags: Books, Hindi Literature, Literature, Lucknow news

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