लोकसभा चुनाव: छठे चरण में मेनका, संजय व मुकुट बिहारी, सब की है तैयारी

मेनका गांधी, संजय सिंह और मुकुट बिहारी

मेनका गांधी, संजय सिंह और मुकुट बिहारी

छठे चरण में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, प्रदेश सरकार की मंत्री रीता बहुगुणा जोशी और मुकुट बिहारी वर्मा समेत कई राजनीतिक दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.

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लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण के बाद अब छठे चरण के द्वार को जीतने की जंग तेज हो गई. इस चरण में उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर 12 मई को वोट डाले जाएंगे. ये सारी सीटें पूर्वांचल इलाके में आती हैं. छठे चरण में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, प्रदेश सरकार की मंत्री रीता बहुगुणा जोशी और मुकुट बिहारी वर्मा समेत कई राजनीतिक दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.

2014 के लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ सीट को छोड़कर बीजेपी ने 14 में से 12 सीटों पर अपना परचम लहराया था. पिछले चुनाव में पूर्वांचल में मोदी लहर की रफ्तार को कम करने के लिए सपा के तत्कालीन अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ सीट से मैदान में उतरे थे. लेकिन वह अपनी सीट के अलावा किसी अन्य सीट पर साइकिल दौड़ाने में कामयाब नहीं हो सके. इस बार आजमगढ़ से अखिलेश यादव मैदान में हैं. उनको टक्कर देने के लिए बीजेपी ने भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को टिकट दिया है.

मेनका गांधी के लिए कड़ी चुनौती

सुल्तानपुर में बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को चुनावी मैदान में उतारा है. उनके सामने कांग्रेस से डॉ. संजय सिंह और बसपा से चंद्रभद्र सिंह हैं. पिछले चुनाव में वरुण गांधी को इस सीट से 4 लाख 10 हजार वोटों से जीत मिली थी. हालांकि उस समय सपा और बसपा अलग-अलग चुनावी मैदान में थे. इस बार के हालात बदले नजर आ रहे हैं. सपा-बसपा एक साथ मिलकर चुनावी मैदान में हैं और 2014 में इन दोनों पार्टियों के वोट मिला दें तो बीजेपी से करीब 50 हजार से ज्यादा होता है. ऐसे में मेनका गांधी के लिए ये कड़ी चुनौती होगी.



बीजेपी ने लगाया कुर्मी समुदाय पर दांव

अंबेडकरनगर लोकसभा सीट पर बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद हरिओम पांडेय का टिकट काटकर मुकुट विहारी वर्मा पर दांव लगाया है. 2014 में हरिओम पांडेय ने बसपा प्रत्याशी राकेश पांडेय को 1 लाख 40 हजार वोटों से हराया था. इस बार के बदले हुए समीकरण में बीजेपी ने कुर्मी समुदाय पर दांव लगाया है. जबकि बसपा ने ब्राह्मण दांव खेला है. बसपा ने रितेश पांडेय को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं, कांग्रेस के उम्मीदवार रहे फूलन देवी के पति उम्मेद सिंह का नामांकन रद्द हो गया है. इस सीट पर बसपा सुप्रीमो मायावती सांसद रह चुकी हैं, यहां पार्टी की मजबूत पकड़ मानी जाती है. ऐसे में बीजेपी के लिए यह सीट बरकरार रखना बड़ी चुनौती होगी.

इन दिग्गजों की रही है यह कर्मभूमि

इलाहाबाद लोकसभा सीट पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, वीपी सिंह, जनेश्वर मिश्रा, मुरली मनोहर जोशी जैसे राजनीतिक दिग्गजों के साथ-साथ अमिताभ बच्चन की कर्मभूमि रही है. इस बार इलाहाबाद से बीजेपी से रीता बहुगुणा जोशी, कांग्रेस से योगेश शुक्ला, सपा से राजेंद्र प्रताप सिंह पटेल उर्फ खरे और आम आदमी पार्टी से किन्नर अखाड़े की महामडलेश्वर भवानी नाथ वाल्मीकि सियासी रणभूमि में हैं. 2014 में यहां से बीजेपी के श्यामा चरण गुप्ता जीतने में कामयाब रहे थे, लेकिन अब वो सपा का दामन थाम चुके हैं.

इन सीटों पर होना है मतदान

बता दें कि छठे चरण में 12 मई को अवध व पूर्वांचल की सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संतकबीरनगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर और भदोही संसदीय सीटों पर वोटिंग होनी है.

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