इंदौर: कोरोना के कहर के बीच 20 दिन में जलीं 1306 चिताएं, अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधामों में नहीं है जगह

इंदौर के 9 मुक्तिधामों से ही प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक शहर में 1 से लेकर 20 सितम्बर तक केवल 20 दिनों में ही 1306 चिताएं जलीं.
इंदौर के 9 मुक्तिधामों से ही प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक शहर में 1 से लेकर 20 सितम्बर तक केवल 20 दिनों में ही 1306 चिताएं जलीं.

शहर में लोग कोरोना से होने वाली मौतों को लेकर व्यथित और घबराए हुए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इससे ज्यादा मौतें अन्य बीमारियों में इलाज के अभाव में हो रही है.

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इंदौर. मध्यप्रदेश में मंगलवार को कोरोना वायरस से संक्रमण के 2,544 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस महामारी की चपेट में आने वालों की कुल संख्या 1,10,711 तक पहुंच गयी. प्रदेश में मंत्रिपरिषद के दो सदस्यों महेन्द्र सिंह सिसोदिया और हरदीप सिंह डंग की भी मंगलवार को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 28 और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 2,035 हो गयी है. ऐसे में कोरोना के साथ साथ एमपी में एक और बड़ी परेशानी का सामना किया जा रहा है.

खबर है कि इंदौर के 9 मुक्तिधामों से ही प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक शहर में 1 से लेकर 20 सितम्बर तक केवल 20 दिनों में ही 1306 चिताएं जलीं. यानि हर दिन औसतन 65 लोगों ने दम तोड़ा है. जबकि सामान्य दिनों में हर दिन मरने वालों का आंकड़ा 20 से 30 रहता था. इस भयानक परिस्थिति को झेलने वाला शहर एक साथ दो दुविधाओं से गुजर रहा है. एक ओर तो कोरोना का कहर लोगों की जान लेने पर तुला हुआ है, वहीं दूसरी ओर कोरोना के चलते दूसरी बीमारियों के इलाज के अभाव में लोग दम तोड़ते नजर आ रहे हैं. क्योंकि कोई भी अस्पताल दूसरी बीमारियों का इलाज करने को तैयार ही नहीं है. जिसके चलते मौतों का आंकड़ा इस हद तक आ पहुंचा है.

श्मशान में भी जगह खाली नहीं



देश के साथ ही शहर में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों की मौतों से लोग घबराए हुए हैं. वहीं उससे ज्यादा घबराहट वाली स्थिति ये है कि कोरोना की मौतों के साथ-साथ ज्यादा दूसरी बीमारियों के चलते इलाज के अभाव में लोग परलोक सिधार रहे हैं. आलम ये है कि 20 दिनों में ही शहर में 1306 चिताएं जल चुकी हैं, वहीं शमशान में भी पहले आओ-पहले पाओ वाली स्थिति है. पश्चिम क्षेत्र स्थित पंचकुइया मुक्तिधाम पर शवों के अंतिम संस्कार का इतना दबाव पड़ने लगा है कि कई दफा तो श्मशान के कर्मचारियों को मुक्तिधाम में जगह खाली नहीं होने के कारण शवों को दूसरे मुक्तिधामों को लिए भेजना पड़ रहा है.
सितम्बर के मात्र 20 दिनों में शहर के 4 श्मशान घाटों में ही 851 चिताएं जलीं. पंचकुइया मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार का आंकड़ा 322 पर पहुंच गया. वहीं मालवा मिल मुक्तिधाम में भी इसी अवधि में 153 लोगों की चिताएं जलीं. इसके अलावा रामबाग मुक्तिधाम में 162 तो रीजनल पार्क में 214 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया. इन मौतों के अलावा इस अवधि में कब्रिस्तान में भी सैकड़ों लोगों को दफनाया गया है.

पंचकुइया मुक्तिधाम में सबसे ज्यादा चिताएं जलीं

शहर में लोग कोरोना से होने वाली मौतों को लेकर व्यथित और घबराए हुए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इससे ज्यादा मौतें अन्य बीमारियों में इलाज के अभाव में हो रही है. पंचकुइया मुक्तिधाम पर व्यवस्थाओं की देखरेख करने वाले ने बताया कि सितम्बर में 1 से 20 तारीख तक मात्र 20 दिनों में कुल 322 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ, जिनमें मात्र 36 शव कोरोना संक्रमितों के थे. कर्मचारियों के अनुसार वैसे तो पश्चिम क्षेत्र में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में एकमात्र श्मशान घाट होने के कारण यहां प्रतिदिन 8 से 10 अंतिम संस्कार आम दिनों में होते रहते हैं, लेकिन वर्तमान में ये आंकड़ा कई बार 20 के पार भी पहुंच चुका है. कई बार मुक्तिधाम में जगह नहीं होने के चलते शवों को श्मशान से लौटाना भी पड़ा है इस मुक्तिधाम में 1 सितम्बर को 12, 2 सितंबर को 18, 3 सितंबर को 24, 4 सितंबर को 17, 5 सितंबर को 15, 6 सितबंर को 10, 7 सितंबर को 17, 8 सितंबर को 15, 9 सितंबर को 21, 10 सितंबर को 13,11 सितंबर को 17, 12 सितबंर को 16, 13सितंबर को 13, 14 सितंबर को 21, 15 सितंबर को 17, 16 सितंबर को 13, 17 सितंबर को 23,18 सितंबर को 17, 19 सितंबर को 12 और 20 सितम्बर को 11 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ.

मालवा मिल में भी 153 अंतिम संस्कार

मिल क्षेत्र में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मौजूद मालवा मिल मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार का आंकड़ा भी बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है. मालवा मिल मुक्तिधाम की देखरेख करने वालों ने बताया कि सामान्य दिनों में यहां अंतिम संस्कार के लिए प्रतिदिन 4 से 5 शव आते हैं, लेकिन 1 सितम्बर से ये आंकड़ा बढ़ गया है. यहां पर 1 सितम्बर को 6, 2 को 8, 3 को 9, 4 को 3, 5 को 4, 6 को 8, 7 को 12, 8 को 8, 9 को 7, 10 को 9, 11 को 7, 12 को 11, 13 को 9, 12 को 12, 15 को 7, 16 को 5, 17 को 11, 18 को 7, 19 को 5 और 20 सितम्बर को 5 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया. सितम्बर में हुए अंतिम संस्कारों में यहां 11 शव कोरोना संक्रमितों के थे. वहीं जूनी इंदौर मुक्तिधाम 94, तिलक नगर मुक्तिधाम में 75, तीन इमली मुक्तिधाम 28, रीजनल पार्क मुक्तिधाम 214, रामबाग मुक्तिधाम 162, बाणगंगा मुक्तिधाम 91 मेघदूत (सयाजी) मुक्तिधाम 167 अंतिम संस्कार हुए.
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