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MP में सुरक्षित नहीं है 'भविष्य', 16 लड़कियों समेत हर रोज 22 बच्चों का हो रहा है अपहरण
Bhopal News in Hindi

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 28, 2020, 11:12 PM IST
MP में सुरक्षित नहीं है 'भविष्य', 16 लड़कियों समेत हर रोज 22 बच्चों का हो रहा है अपहरण
मध्‍य प्रदेश में हर रोज 22 बच्‍चों को हो रहा है अपहरण

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की रिपोर्ट में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में हर रोज करीब 22 बच्चे लापता हो रहे हैं, जिसमें 16 लड़कियों (Girls) शामिल होती हैं.

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भोपाल. बच्चों को किसी प्रदेश और देश का भविष्य कहा जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में यह भविष्य सुरक्षित नहीं है. प्रदेश में बच्चों के अपहरण (Kidnapping) के मामले साल दर साल बढ़ते जा रहे हैं. यहां से हर रोज करीब 22 बच्चे लापता हो रहे हैं. चौंकाने वाली बात है कि सबसे ज्यादा लड़कियों के अपहरण हो रहे हैं. एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार हर दिन प्रदेश में सबसे ज्यादा 16 लड़कियों (Girls) का अपहरण हो रहा है.

एनसीआरबी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में बच्चों के अपहरण के मामले में मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर है. 2018 में प्रदेश से 7951 बच्चों के अपहरण के मामले सामने आए. इनमें सबसे ज्यादा लड़कियां थीं. इस हिसाब से प्रदेश में हर रोज 16 लड़कियों का अपहरण हो रहा है. 2018 में कुल 5767 लड़कियों और 2184 लड़कों को अपहरण हुआ. इनमें लड़कियों का सबसे ज्यादा 72.53 प्रतिशत है. प्रदेश के रिटायर्ड डीजीपी आरएलएस यादव ने कहा कि यह चिंता का विषय है. पुलिस के साथ परिवार को सचेत रहने की जरूरत है, जिस तरीके की आजादी है, वैसी लोगों की मानसिकता नहीं बदली है. पश्चिमी देशों जैसी मानसिक आजादी नहीं आई है. पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत है. जैसे ही शिकायत आए, वैसे ही एफआईआर के साथ जांच शुरू कर देनी चाहिए. यदि मामला झूठा है, तो उसमें खात्मा भेज देना चाहिए. ऐसे मामलों में पुलिस को तत्काल कार्रवाई के साथी सख्ती से निपटना पड़ेगा.

प्रदेश की अपहरण की स्थिति?

>>2018: 7951 अपहरण, लड़के-2184, लड़कियां- 5767, लड़कियों का प्रतिशत-72.53%

>>2017: 7259 अपहरण, लड़के-2014, लड़कियां- 5245, लड़कियों का प्रतिशत-72.25%

>>2016: 6114 अपहरण, लड़के-2023, लड़कियां- 4091, लड़कियों का प्रतिशत-66.91% 

अधिकारी ने मानी बढ़ते अपहरण की बात
2018 में 12 से 16 और 16 से 18 साल की आयु की लड़कियों के अपहरण के मामले सबसे ज्यादा 94 प्रतिशत हैं. राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रतिशत 92 प्रतिशत है. भोपाल डीआईजी इरशाद वली ने कहा कि यह सही बात है कि अपहरण के मामले में बढ़ते जा रहे हैं. गाइडलाइन है कि यदि बच्चा थोड़ी देर के लिए भी चला जाए और शिकायत आए, तो उसमें अपहरण का केस दर्ज करना है. इसका पालन किया जा रहा है. पुलिस जागरूकता अभियान चला रही है. अधिकांश मामलों में बच्चों को ढूंढ भी लिया जाता है.

उम्र के हिसाब से अपहरण
आयु- 6 से कम आयु, लड़कियों-29, कुल संख्या-76
आयु- 6 से 12 साल, लड़कियों-305, कुल संख्या-609
आयु- 12 से 16 साल, लड़कियों-2219, कुल संख्या-3358
आयु- 16 से 18 साल, लड़कियों-3214, कुल संख्या-3908


अपहरण पर सियासत तेज
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि यह आंकड़े गंभीर हैं. पुलिस को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए. तस्करी वाले एंगल पर भी जांच करनी चाहिए. आखिर यह बच्चे कहां जा रहे हैं. कार्रवाई ऐसी की जाए, ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं न हो सके. जबकि प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि यह शर्मनाक है. यहां तेजी से अपहरण की घटनाएं हो रही हैं. सरकार में बैठे लोग सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. इसके पीछे माफिया है, जो बच्चियों का अपहरण कर रहे हैं, लेकिन सरकार अतिक्रमण हटाने में जुटी है. माफिया के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है.

 

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First published: January 28, 2020, 11:00 PM IST
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