बड़ी कामयाबी: चीन से तनातनी के बीच बढ़ी सेना की ताकत, अंधेरे में भी सटीक निशाना लगाने में सक्षम 'सारंग'

(सांकेतिक तस्वीर)
(सांकेतिक तस्वीर)

तकनीकी खासियतों के साथ सारंग तोप (Sharang Cannon) को बेहतर ढंग से मॉडिफाई कर सेना की ताकत को दोगुना करने का प्रयास भी किया है. अब इस गन के माध्यम से सैनिक अंधेरे में भी दुश्‍मनों के दांत खट्टे कर सकते हैं.

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जबलपुर. देश की उन्नत तोपों में शामिल सारंग अब सेना के हवाले कर दी गई है. जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री (Vehicle Factory, Jabalpur ) से 3 सारंग तोपों (Sharang Cannon) को शुक्रवार को फ्लैगिंग सेरेमनी में सेना के हवाले कर दिया गया. जानकारी के मुताबिक, जल्द ही ये तोप सरहद पर तैनात की जा सकती हैं.

गौरतलब है कि देश की सबसे ताकतवर तोप धनुष के बाद उन्नत तोपों में गिना जाने वाला नाम सारंग का ही है. इसकी मारक क्षमता 40 किलोमीटर की है. अपग्रेड होने के बाद यह अंधेरे में भी सटीक निशाना लगाने में सक्षम है. इसका बैरल 155 एमएम 45 कैलिबर का है. खास बात यह है कि लंबे समय से इसका परीक्षण भी जबलपुर के एलपीआर रेंज में किया जा रहा था और इसका निर्माण व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर समेत गन फैक्ट्री जबलपुर में जारी है.

सारंग को अपग्रेड कर इसकी क्षमताओं को बढ़ाया गया है. मेक इन इंडिया की तर्ज पर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया ने इस पर काम करते हुए इसे स्वदेशी रूप में आधुनिक और विकसित किया है.



सेना के हवाले की गयीं 3 सारंग तोप

सारंग की विकास यात्रा

- सारंग, मूल रूप से एक रशियन गन थी
- जिसे पहले सॉल्टन के नाम पर पहचाना जाता था
- इसकी पहले मारक क्षमता 27 किलोमीटर हुआ करती थी
- इसका बैरल पूर्व में 130 एम एम का था जिसे करीब 25 एमएम बढ़ा दिया गया है
- कुल 300 सारंग गनों को मॉडिफाई कर सेना को सुपुर्द करने का टारगेट रखा गया है
- जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री और गन कैरिज फैक्ट्री को इसका काम सौंपा गया है
- पहले फेज़ मे 180 सारंग तोपों को अपग्रेड कर भेजा जाना है
- प्रोजेक्ट की कुल लागत 200 करोड़ है

बता दें कि तकनीकी खासियतों के साथ इस गन को बेहतर ढंग से मॉडिफाई कर सेना की ताकत को दोगुना करने का प्रयास भी किया है. अब इस गन के माध्यम से सैनिक अंधेरे में भी दुश्‍मन पर वार कर सकते हैं. गौरतलब है कि इसके पूर्व सारंग तोप का आईनोट जारी किया गया था और अब वह पल आ गया जब सेना के हवाले इन ताकतवर तोपों को सुपुर्द कर दिया गया है. ऐसे में चीन से जारी तनातनी के बीच सेना के शौर्य को बढ़ाने के लिए सारंग अब तैयार है.
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