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आगर मालवा में भैंस ने पंचों को बताया कि उसका मालिक चोर नहीं - जानें यह रोचक मामला

आगर मालवा में भैंस ने पंचों को बताया कि उसका मालिक चोर नहीं - जानें यह रोचक मामला

अपने मालिक के घर का रास्ता तय कर भैंस ने करवाया उन्हें चोरी के इल्जाम से बरी.

अपने मालिक के घर का रास्ता तय कर भैंस ने करवाया उन्हें चोरी के इल्जाम से बरी.

आगर मालवा जिले में भैंस चोरी के इल्जाम का फैसला 'सिद्धार और हंस की कहानी' के आधार पर पंचों ने किया. पंचों की यह राय दोनों पक्षों को मंजूर थी. इस प्रयोग में दावा ठोंकने वाले व्यक्ति के पास भैंस नहीं गई और वफादारी निभाते हुए वास्तविक मालिक के पास पहुंच गई.

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आगर मालवा. आपने सिद्धार्थ और हंस की कहानी पढ़ी होगी, जिसमें सिद्धार्थ के भाई देवदत्त ने अपने तीर से घायल हुए हंस पर अपना अधिकार जताया था. जबकि सिद्धार्थ का कहना था कि हंस उनका है क्योंकि उन्होंने उसकी जान बचाई है. बाद में मामला राजदरबार में पहुंचा था और फैसला दिया गया कि हंस जिसके पास खुद जाए, उसी का. दोनों भाई इस फैसले को स्वीकार करने को तैयार थे. हंस ने तीर मारने वाले देवदत्त को छोड़कर जान बचाने वाले सिद्धार्थ की शरण ली थी. कुछ इसी से मिलता-जुलता मामला शनिवार को आगर मालवा जिले के कानड़ थाना क्षेत्र से सामने आया है.

7 जून को चोरी हुई थी भैंस

कानड़ थाना अंतर्गत ग्राम सामगी में गोपाल गोस्वामी की भैंस 7 जून को चोरी चली गई थी. कल शनिवार को गोपाल गोस्वामी को माकड़ौन थाने में चोरी की भैंस मिलने की बात मालूम हुई तो वह तस्दीक करने चले गए. पर थाने में उनकी भैंस नहीं मिली. लेकिन यह जानकारी मिली कि माकड़ौन के रहनेवाले कमल जाट के पास हू-ब-हू वैसी ही भैंस है, जैसी उनकी खो गई थी. इस सूचना के बाद वे माकड़ौन पहुंच गए और कमल जाट की भैंस को अपनी बताने लगे. कमल जाट का कहना था कि यह भैंस उसने माकड़ौन के रहने वाले राजेंद्र सिंह से खरीदी है. पर गोपाल यह मानने को तैयार नहीं थे.

मामला पहुंचा पंचों के पास

मामला पंचों के पास पहुंचा और वाहन से कमल जाट के घर से भैंस को कानड़ के पास ग्राम पंचायत सामगी लाया गया. उसके बाद गोपाल के खेत पर भैंस छोड़ दी गई. भैंस को जब घर की ओर ले जाने का प्रयास किया तो गोपाल के घर जाने की बजाए उसने रास्ता बदल दिया और अपने असली मालिक कमल के पास पहुंच गई.

भैंस गई अपने असली मालिक के घर

मामले में गोपाल का दावा था कि उन्होंने अपनी भैंस को बड़े लाड़-प्यार से रखा है. यह भैंस हू-ब-हू उनकी भैंस जैसी ही है. ऐसे में यदि वह उनकी भैंस होगी तो वह जरूर उनके पास आ जाएगी. लेकिन भैंस के रास्ता बदलने के बाद सब कुछ साफ हो गया और वह अपने असली मालिक के साथ चली गई और सभी पक्ष संतुष्ट हो गए.

Tags: Agar malwa news, Madhya pradesh news, Panchayat

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