दीपावली के दीपों से रोशन हुई दरगाह की दहलीज

मंदिरों में दीपोत्सव पर जगमगाती रोशनी और प्रज्वलित होते दीपक तो पूरे देश मे दिखाई देते हैं, पर मध्यप्रदेश के आगर मालवा में मौजूद दावल शाह वली बाबा की दरगाह पर भी दीपावली में दीपोत्सव मनाया जाता है. साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनी इस दरगाह को धनतेरस से लेकर लक्ष्मी पूजा तक दीपों से सजाया जाता है. धनतेरस पर छह सौ इक्यावन दीपक प्रज्वलित कर दीपावली का आगाज किया जाता है. और लक्ष्मी पूजा तक दरगाह को 1151 दीपों से प्रज्वलित किया जाता है

Rajneesh Sethi | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 7, 2018, 7:46 PM IST
दीपावली के दीपों से रोशन हुई दरगाह की दहलीज
दीपावली पर दरगाह में दीपों की रोशनी
Rajneesh Sethi
Rajneesh Sethi | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 7, 2018, 7:46 PM IST
मंदिरों में दीपोत्सव पर जगमगाती रोशनी और प्रज्वलित होते दीपक तो पूरे देश मे दिखाई देते हैं, पर मध्यप्रदेश के आगर मालवा में मौजूद दावल शाह वली बाबा की दरगाह पर भी दीपावली में दीपोत्सव मनाया जाता है. साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनी इस दरगाह को धनतेरस से लेकर लक्ष्मी पूजा तक दीपों से सजाया जाता है.

धनतेरस पर छह सौ इक्यावन दीपक प्रज्वलित कर दीपावली का आगाज किया जाता है और लक्ष्मी पूजा तक दरगाह को 1151 दीपों से प्रज्वलित किया जाता है. दावल शाह वली बाबा की दरगाह पर जगमगाती रोशनी को देखकर हर कोई ठहर सा जाता है. हिन्दू मुस्लिम यहां आकर एक साथ दीप जलाते हैं और मन्नतें भी मांगते हैं.

पिछले पांच सालों से इस दरगाह पर हर दीपावली पर दीपक जगमगाते है और पूरी दरगाह को आकर्षक रंग-बिरंगी लाईटों से सजाया जाता है. मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि चिराग तो चिराग होता है, चाहे वो मंदिर में जले या फिर मस्जिद में, वह हर जगह अपनी रोशनी बिखेरता है.

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