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पंचायत चुनाव आते ही प्रत्याशियों की भगवान में बढ़ गई आस्था, जीत के लिए करवा रहे अनुष्ठान


इस मंदिर में हवन और पूजन क्रियाओं के माध्‍यम से शत्रुओं पर विजयश्री का आर्शीवाद मिलने की मान्यता है.

इस मंदिर में हवन और पूजन क्रियाओं के माध्‍यम से शत्रुओं पर विजयश्री का आर्शीवाद मिलने की मान्यता है.

मध्यप्रदेश में पंचायच चुनाव में मतदान की तारीख जैसे ही नजदीक आ रही है वैसे ही प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं. तम ...अधिक पढ़ें

आगर मालवा. मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. प्रत्याशी अपनी जीत की जुगत के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. जैसे ही मतदान की तारीख नजदीक आ रही है वैसे ही प्रत्याशियों की भगवान में आस्था गहराती जा रही है. मंदिरों में चुनावों को लेकर भीड़ बढ़ती दिख रही है. खास कर एक ऐसे मन्दिर में नेताओं के दर्शन-पूजन का सिलसिला ज्यादा बढ़ गया है जहां से विजय का आशीर्वाद मिलने की मान्यता जुड़ी हुई है.

ऐसी ही मान्यता से जुड़े आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मन्दिर में भी पार्षद, सरपंच से लेकर सभी तरह के प्रत्याशी न केवल हवन पूजन कर रहे हैं बल्कि माता को नकली मतपत्र और अपनी जीत की अर्जी भी सौंप रहे हैं. आगर मालवा जिले के नलखेडा में स्थित प्रसिद्ध तांत्रि‍क शक्तिपीठ मां बगलामुखी मंदिर भक्‍तों के साथ-साथ चुनावी समर में नेताओं की भी खास पूजन स्‍थली बनता जा रहा है. यहां हवन और पूजन क्रियाओं के माध्‍यम से शत्रुओं पर विजयश्री का आर्शीवाद देने की मान्यता है.

माता का मिला आर्शीवाद और विजय की मान्यता 
मां बगलामुखी मंदिर में मान्यता है कि यहां विशेष हवन पूजन करने से विजय प्राप्त होती है. ऐसे में मध्यप्रदेश में हो रहे पंचायत व निकाय चुनावों के समर में प्रत्याशी माता के चरणों में वंदना कर रहे हैं. यहां लगातार लोग अपनी और समर्थित लोगों की जीत की कामना के लिए हवन-पूजन करा रहे हैं. यहां लगातार प्रत्याशियों की अर्चना जारी है. चुनाव में टिकिट लेने से लेकर चुनाव की मतगणना तक नेताओं के अनुष्ठान यहां पंडितो द्वारा किये जाते रहे हैं. जिनकी पूर्णाहुति के लिए नेता और उनके परिजन यहां पहुंचते रहे हैं. ऐसे में इस बार भी यहां चुनाव के ऐलान के बाद से ही नेताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है.

पांडवों से जुड़ी है मां के मंदिर की कहानी

इस मंदिर में सभी कामों की सिद्धि दात्री मां बगलामुखी मध्‍य में स्थित है. उनके एक ओर धन दायिनी महालक्ष्मी और दूसरी और विद्या दायिनी महा सरस्वती विराजित हैं. नलखेडा में इस स्थान पर मां बगलामुखी पीताम्बर रूप में शाश्वत काल से विराजित हैं. कहा जाता है मां बगलामुखी की उपासना और साधना से माता वैष्णोदेवी और मां हरसिद्धि के समान ही साधक को शक्ति के साथ धन और विद्या की प्राप्ति हो जाती है. मां बगलामुखी की इस विचित्र और चमत्कारी मूर्ति की स्थापना का कोई एतिहासिक प्रमाण नहीं मिलता लेकिन किवदंती है कि यह मूर्ति स्वयं सिद्ध स्थापित है. कहा जाता है की महाभारत काल में पांडव जब विपत्ति में थे तब भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें मां बगलामुखी के इस स्थान की उपासना करने करने के लिए कहा था. तब मां की मूर्ति एक चबूतरे पर विराजित थी, पांडवों ने इस त्रिगुण शक्ति स्वरूपा की आराधना कर विपात्तियों से मुक्ति पायी और अपना खोया हुआ राज्य वापस पाया था.

Tags: Agar malwa news, Madhya pradesh news

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