MP के इस गांव में आज भी कायम है रावण दहन की 500 साल पुरानी परंपरा, लोग करते हैं ये काम

मुस्लिम समाज द्वारा भी यात्रा में सम्मिलित दरबार सहित सभी नागरिकों का इत्रपान और सोफ सुपारी से स्वागत किया गया.
मुस्लिम समाज द्वारा भी यात्रा में सम्मिलित दरबार सहित सभी नागरिकों का इत्रपान और सोफ सुपारी से स्वागत किया गया.

आगर मालवा जिले (Agar Malwa District) के ग्राम तनोडिया में रावण वध की 500 वर्षों पुरानी परम्परा मनाई गई. यहां दशहरा (Dussehra) पर मिट्टी के मटकों से बने रावण (Ravana), कुभंकरण एवं मेघनाथ को पत्थरों से मारा जाता है.

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आगर मालवा. मध्‍य प्रदेश के आगर मालवा जिले (Agar Malwa District) के ग्राम तनोडिया में रावण वध की अनोखी परंपरा मनाई गई. यहां रावण (Ravana) को पत्थरों से मारने की करीब 500 वर्षों पुरानी परम्परा का धूमधाम से निर्वहन किया गया. जी हां, यहां शारदीय नवरात्र के बाद दशहरा पर मिट्टी के मटकों से बने रावण, कुभंकरण एवं मेघनाथ को पत्थरों से मारा जाता है. दशहरा पर्व (Dussehra festival) पर शाम को ग्राम के बड़ा मंदिर से एक शोभायात्रा निकाली जाती है जो नगर के प्रमुख मार्ग से होते हुए रावण टेकरी पर पहुंचती है और फिर रावण का वध किया जाता है.

राव राजेन्द्रसिंह ने किया पूजन
इस बार भी रावण टेकरी पर पहुंचने के बाद परंपरा अनुसार ग्राम के प्रमुख परिवार के वंशज दरबार राव राजेन्द्रसिंह द्वारा श्रीराम की पूजा की. इसके बाद मटकों से बने रावण, कुम्भकरण और मेघनाथ पर लकड़ी से वार किया. फिर ग्रामवासियों द्वारा पत्थरों से रावण का वध कर इस अनूठी परंपरा का निर्वहन किया.

ग्राम के प्रमुख बाजार से निकाली गई शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया. मुस्लिम समाज द्वारा भी यात्रा में सम्मिलित दरबार सहित सभी नागरिकों का इत्रपान और सोफ सुपारी से स्वागत किया गया. इस शोभायात्रा में बडी संख्या मे ग्रामीण व बच्चे शामिल हुए. वहीं एक-दूसरे को विजयदशमी पर्व की शुभकामना व बधाईयां भी दीं.
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