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देश के पहले गौअभयारण्य के लिए बजट की कमी, सरकार ने खड़े किए हाथ!

स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि (File Photo)

स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि (File Photo)

कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त गौ पालन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा कि रा ...अधिक पढ़ें

    मध्य प्रदेश के आगर मालवा ज़िले में बीजेपी के राज में बने देश के इकलौते गौअभ्यारण्य को चलाने के लिए शिवराज सरकार के पास पैसा नहीं है. इसलिए सरकार इसे कारपोरेट जगत से चलवाना चाहती है. दरअसल, कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त गौ पालन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा कि राज्य शासन गौ माता के लिए बने अभ्यारण्य को कारपोरेट हाऊस से चलवाने की सलाह दे रहा है.

    उन्होंने कहा कि बोर्ड ने गौ अभ्यारण्य चलाने के लिये सालाना 9 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव दिया था, जिसे वित्त विभाग ने नामंजूर कर दिया है. 1200 एकड़ में 32 करोड़ रुपये में बने गौ तीर्थ बीते साल ही शुरू हुआ है, इसमें 6000 गायें रखीं जा सकती हैं. मगर बजट ना हो पाने से अभी सिर्फ 4000 गायें रखीं गई हैं. छह साल पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने खुद इसका शिलान्यास किया था.

    स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि चूंकि हमारी क्षमता 6000 गौवंश रखने की है और दूसरी बात उस समय तक हमारे पास 4000 गौवंश के चारे-भूसे की व्यवस्था थी. शासन की ओर से हमें किसी भी प्रकार की गौवंश के रखरखाव का बजट नहीं मिला.

    उन्होंने कहा कि मेरे दो वर्ष के कार्यकाल में बजट 25 करोड़ का हुआ. जबकि हमारी डिमांड थी 56 करोड़ की. इसलिए बजट के अभाव में हमने नौ करोड़ प्रतिवर्ष के हिसाब से तीन वर्ष का प्राक्लन किया और शासन के पास प्रस्ताव भेजा. वो प्रस्ताव हमारा वित्त विभाग द्वारा नामंजूर कर दिया गया. यह कहकर के इतना बड़ा अभ्यारण सरकार नहीं चला सकती. इस अभ्यारण को चलाने के लिए कारपोरेट जगत की ओर देखना होगा.

    गौरतलब है कि राज्य सरकार ने आगर मालवा जिले में सुसनेर में 472 एकड़ जमीन पर गौ अभ्यारण बनाया है. गौ अभ्यारण्य बनाने के दौरान सरकार की तरफ से गौ माता की सेवा की बड़ी बड़ी बातें की गई थीं. मध्यप्रदेश सरकार गौवंश संरक्षण और पालन को लेकर कई दावे करती है, गाय कई मर्तबा सियासी मुद्दा बनती है.

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    देश में गाय के नाम पर लोगों को पीट पीटकर मारने के इतने वाकए हो चुके हैं कि सुप्रीम कोर्ट भी चिंता ज़ाहिर कर चुका है, लेकिन असलियत में सरकार के पास गौवंश के लिए बजट ही नहीं. मध्यप्रदेश शासन ने आगर मालवा जिले के सालरिया स्थान पर 6000 गौवंश के रखने के लिए गौवंश अभ्यारण तो खोल लिया लेकिन गौ को माता बोलकर पूजने वाली सरकार के बजट न देने के कारण वहां सिर्फ तकरीबन 4000 गौवंश का ही रखरखाव किया जा रहा है.

    मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गौ मंत्रीलय अलग से बनाने की वकालत भी कर चुके हैं. अखिलेश्वरानंद के मुताबिक, शासन ने गौ अभ्यारण्य में रखी गई गौमाता के रखरखाव का किसी भी प्रकार का कोई बजट नहीं मिला. वित्त विभाग ने प्रस्ताव नामंजूर करते हुए यहां तक कह दिया कि इतना बड़ा अभ्यारण सरकार नहीं चला सकती और इसे चलने के लिए कारपोरेट जगत की और देखना होगा.

    वहीं इस मामले में कांग्रेस की प्रवक्ता शोभा ओझा का कहना है कि गाय तो इनके लिए सिर्फ एक चुनावी मुद्दा है, इससे ज्यादा कुछ नहीं. गौ माता की बात करते हैं औऱ खुदकी माता को ये देखते नहीं है. जो बजट इन्होंने गौ शालाओं को दिया है वहां भी गाय नहीं ली जा रहीं औऱ सड़कों पर गायें खड़ी है. गायों के जीवन को खतरा औऱ इंसान के जीवन को खतरा है.

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    Tags: Madhya pradesh news, Shivraj singh chouhan

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