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सट्टा कारोबार का दबाव बना रही थी लेडी टीआई, हर महीने ले रही थी 20 हजार; जानिए फिर क्या हुआ

Corruption Story: उज्जैन लोकायुक्त ने आगर मालवा की महिला थाना प्रभारी मुन्नी परिहार को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.

Corruption Story: उज्जैन लोकायुक्त ने आगर मालवा की महिला थाना प्रभारी मुन्नी परिहार को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.

Today’s Big Story: मध्य प्रदेश पुलिस में भ्रष्टाचार की जड़ें तो मजबूत हैं ही, लेकिन अब वह अपराध को भी कमाई का जरिया बना ...अधिक पढ़ें

आगर मालवा. मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले से भ्रष्टाचार की बड़ी खबर है. लोकायुक्त पुलिस ने यहां महिला थाना प्रभारी मुन्नी परिहार को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है. कानड़ थाने की प्रभारी मुन्नी पर 29 हजार रुपये की रिश्वत लेने और जबरदस्ती सट्टा कारोबार चलवाकर हजारों रुपये महीना लेने का आरोप है.उज्जैन लोकायुक्त टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ इस महिला थाना प्रभारी को पकड़ा है.

पुलिस के मुताबिक, कानड़ के रहने वाले रितेश राठौर ने 11 अप्रैल को उज्जैन लोकायुक्त एसपी को शिकायत की थी. उसने शिकायत में कहा था कि कानड़ की थाना प्रभारी मुन्नी परिहार उस पर सट्टा चलाने का दबाव बना रही हैं. इस सट्टा कारोबार से वे हर महीने 20 हजार रिश्वत मांग रही हैं. डीएसपी लोकायुक्त राजकुमार शराफ ने कहा कि एसपी ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और आरोपी को रंगेहाथ गिरफ्तार करने की योजना बनाई गई.

आरोपी महिला टीआई को इस तरह किया ट्रैप

डीएसपी शराफ ने बताया कि इसके बाद लोकायुक्त टीम का गठन कर कानड़ी टीआई को ट्रैप किया गया. टीम ने शिकायतकर्ता राठौर से कानड़ थाने में जाकर मुन्नी को रुपये देने को कहा. राठौर थाने गए और आरोपी टीआई को 29 हजार रुपये की रिश्वत दी. इस पर पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने टीआई को रंगे हाथों पकड़ लिया. शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी महिला थाना प्रभारी मुन्नी परिहार पिछले महीने के बाकी 9 हजार और इस महीने के 20 हजार मिलाकर 29 हजार रुपये मांग रही थीं.

ये दबाव डाल रही थी महिला टीआई

शिकायतकर्ता राठौर ने बताया कि कोरोना काल में उसे बहुत नुकसान हो गया था. इसलिए उसने पिछले साल सट्टा कारोबार चलाया था. इसके लिए टीआई मुन्नी परिहार हर महीने 20 हजार रुपये लेती थी. लेकिन, अब परिस्थिति बदल गई है और वह सट्टा खिलाना नहीं चाहता. लेकिन, टीआई परिहार उस पर इस कारोबार का दबाव बना रही हैं, ताकि उन्हें हर महीने हजारों रुपये मिलते रहें.

प्रदेश में बढ़ रहा भ्रष्टाचार

गौरतलब है कि प्रदेश में वरिष्ठ अधिकारियों का भ्रष्टाचार बढ़ता जा रही है. कुछ दिनों पहले भी भोपाल में सीबीआई ने जीएसटी के सुप्रिंटेंडेंट अंकुर खंडेलवाल को 2 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया था. खंडेलवाल और उसके एक समकक्ष अधिकारी पर आरोप था कि वे एक व्यापारी से सेटलमेंट के लिए दस लाख रुपये मांग रहे थे.

Tags: Agar malwa news, Mp news

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