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कर्ज़माफी में देरी से किसानों में गुस्सा, कृषि मंत्री ने कहा- 'समय सीमा' सबसे बड़ी चुनौती
Jabalpur News in Hindi

News18 Madhya Pradesh
Updated: October 2, 2019, 2:50 PM IST
कर्ज़माफी में देरी से किसानों में गुस्सा, कृषि मंत्री ने कहा- 'समय सीमा' सबसे बड़ी चुनौती
किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने कृषि मंत्री सचिन यादव से मुलाक़ात कर ज्ञापन सौंपा

कर्जमाफी के सेकेण्ड फेज को लेकर किसानों ने कृषि मंत्री से वादा पूरा करने की मांग की. कर्जमाफी को लेकर हो रही परेशानी के चलते किसान संगठनो ने अपनी नाराजगी भी जताई. उनका कहना था कि 68 हजार करोड़ की किसान कर्जमाफी के लिए सरकार ने सिर्फ 8 हजार करोड़ का बजट मे प्रावधान रखा है

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जबलपुर: बाढ़ और अतिवृष्टि (Flood and heavy rain) की मार झेल रहे मध्य प्रदेश में किसानों में कर्जमाफी ( Debt waiver ) को लेकर रोष व्याप्त हो गया है. कर्जमाफी को लेकर हो रही परेशानी के चलते किसान संगठनो ने सरकार से अपनी नाराजगी भी जताई है. news 18 से बातचीत में किसानों का कहना था कि 68 हजार करोड़ की किसान कर्जमाफी के लिए सरकार ने सिर्फ 8 हजार करोड़ का बजट मे प्रावधान रखा है ऐसे में कर्जमाफी कब तक पूरी होगी ये सबसे बड़ा सवाल है.

चुनौतीपूर्ण समय पर लागू की गई योजना
गौरतलब है कि प्रदेश मे अब तक 60 प्रतिशत किसानों का ऋण माफ किया जा चुका है.कृषि मंत्री सचिन यादव का कहना है सरकार कर्जमाफी की योजना को योजनाबद्ध तरीके से समय पर पूरा करने के प्रयास में है. मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव ने जबलपुर प्रवास के दौरान मीडिया से बातचीत की मंत्री सचिन यादव से जब किसान कर्जमाफी पूरी करने की समय सीमा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस सवाल को टाल दिया. हां उन्होंने इतना जरूर कहा कि किसान कर्जमाफी की योजना में समय सीमा सबसे बड़ी चुनौती है.

कृषि मंत्री सचिन यादव ( Agriculture Minister sachin yadav ) ने प्रदेश मे अधिक वृष्टि से हुई फसलों की बर्बादी और किसानों को हुए नुकसान के लिए सर्वे की बात कही है. कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ जल्द ही प्रधानमंत्री से करने वाले है जिसमें वे करीब 11 हजार करोड़ के राहत पैकेज की मांग केन्द्र से करेंगे हालांकि इसका प्रस्ताव केंद्र को पहले ही भेजा जा चुका है.

बजट बेहद कम
इस दौरान कुछ किसान संगठनों ने भी कृषि मंत्री से मुलाकात की और अपनी समस्याएं बताईं. भारत कृषक समाज के प्रतिनिधियों ने मुलाकात में अपनी शिकायत में बताया कि आज भी जिले के किसानों को बोनस का भुगतान नहीं हो पाया है. किसानों ने बताया कि धान के पंजीयन मे सिंचित जमीन को असिंचित कर दिया गया है जिसके लिए भोपाल से सर्वर से फाल्ट पैदा हुआ है इस परेशानी के चलते किसानो को पंजीयन मे दिक्कत आ रही है.

वहीं कर्जमाफी के सेकेण्ड फेज को लेकर भी किसानों ने कृषि मंत्री से वादा पूरा करने की मांग की है. कर्जमाफी को लेकर हो रही परेशानी के चलते किसान संगठनो ने अपनी नाराजगी भी जताई. उनका कहना था कि 68 हजार करोड़ की किसान कर्जमाफी के लिए सरकार ने सिर्फ 8 हजार करोड़ का बजट मे प्रावधान रखा है ऐसे में सरकार अपने कार्यकाल में भी इसे पूरा नही कर सकती है.ये भी पढ़ें-  जोधईया बाई कहती हैं-सोनिया गांधी जहां पढ़ीं-वहां हमारे चित्रों की प्रदर्शनी लगी


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First published: October 1, 2019, 4:43 PM IST
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