अनूपपुर: गांव में नहीं थी सड़क, बीमार महिला को खाट पर लेकर अस्पताल पहुंचा परिवार
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अनूपपुर: गांव में नहीं थी सड़क, बीमार महिला को खाट पर लेकर अस्पताल पहुंचा परिवार
अधिकारियों ने गांव का सर्वे किया है. (Pic Credit- ANI)

गांव में अस्पताल (Hospital) तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं थी. परिवार वालों ने एक खाट (Cot) के सहारे महिला को इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाया.

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अनूपपुर: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अनूपपुर (Anuppur) जिले में सरकार के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं. लाचार सिस्टम की पोल तब खुली जब एक बीमार महिला को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाई. महिला को अस्पताल में भर्ती करने के लिए एक एंबुलेंस तक नहीं मिली. गांव में एक पक्की सड़क तक नहीं है जिसके सहारे महिला को अस्पताल पहुंचाया जा सकता था. महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिवार वालों ने उसे एक खाट में डाला. फिर कंधे पर लादकर उसे अस्पताल तक ले गए.

एएनआई के मुताबिक, 10 अगस्त को अनूपपुर जिले की एक महिला को बांस की खाट पर लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे. परिजनों का कहना था कि गांव में पक्की सड़क नहीं है जिससे अस्पताल तक पहुंचा जा सकते. परिजन खाट के सहारे ही महिला को इलाज के लिए अस्पताल कर ले गए.

अधिकारियों ने किया सर्वे



प्रशासन तक मामला पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया. इस मामले में जानकारी देते हुए जैतहरी पंचायत के सीईओ इमरान सिद्दीकी का कहना है कि कलेक्टर ने इलाके का सर्वे का निर्देश दिया है. गांव के सड़कों का हाल भी जाना जाएगा. एक तकनीकी टीम के साथ इलाके का सर्वे किया गया है. अब सर्वे के हिसाब से लोगों की मदद के लिए प्लान तैयार किया जाएगा.



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सरकार बना रही बड़ी योजना 

वहीं दूसरी ओर आत्म निर्भर एमपी के लिए 4 दिन चले मंथन के बाद मिले सुझावों और फैसलों पर 1 सितंबर से अमल शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए 3 साल का टारगेट रखा गया है. 4 दिन की वेबिनार सीरीज में मिले सुझावों को शामिल कर रोडमैप को अंतिम रूप देने के लिए प्रदेश के मंत्रियों के समूह  बनाए गए हैं. मंत्री समूह अपना ड्राफ्ट 25 अगस्त तक पेश कर देंगे. इस ड्राफ्ट पर नीति आयोग के सदस्यों के साथ मंथन के बाद 31 अगस्त तक आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप को अंतिम रूप दे दिया जाएगा.1 सितम्बर से इसे अगले 3 साल के लक्ष्य के साथ प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा.
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