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सिंधिया की शिवराज सरकार को सीधी चुनौती, 'वार करना है तो मुझ पर करो'

File Photo- PTI
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार पर हमला बोलते हुए बुधवार को कहा कि यह तो अलीबाबा 40 चोरों की सरकार है. झूठ बोलना और दलितों पर अत्याचार इस सरकार का शगल बन गया है.

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार पर हमला बोलते हुए बुधवार को कहा कि यह तो अलीबाबा 40 चोरों की सरकार है. झूठ बोलना और दलितों पर अत्याचार इस सरकार का शगल बन गया है.

अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा क्षेत्र के बांग्ला चौराहे पर आयोजित अनुसूचित जाति सम्मेलन में सांसद सिंधिया ने भाजपा की दलित विरोधी नीतियों पर सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वार करना है तो सीधे उन पर किया जाए.

पिछले दिनों मुंगावली के एक महाविद्यालय में सिंधिया का कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर वहां के प्राचार्य बी. एल. अहिरवार का तबादला किए जाने के मसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "भाजपा को लड़ना है तो प्राचार्य बी. एल. अहिरवार से नहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया से लड़े. बेटी पढ़ाओ व बेटी बचाओ और दलित प्रेम की बात करने वाली भाजपा ने अहिरवार का तबादला करते वक्त यह तक नहीं सोचा कि उनकी एक बेटी इतनी बीमार है कि वह घर के बाहर भी नहीं निकल सकती."



मुंगावली विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा का निधन होने पर यहां उपचुनाव होने वाला है. यह विधानसभा क्षेत्र सिंधिया के संसदीय क्षेत्र गुना में आता है. सिधिया ने कहा, "मुख्यमंत्री बार बार उड़न खटोला से यहां आ रहे हैं. राज्य की सड़कों का बुरा हाल है. अगर वाकई में सड़कें ठीक होतीं तो उसका जिक्र विदेश में करने की जरूरत नहीं होती. ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की जनता इस सच को जानती है."
उन्होंने मायावती का जिक्र करते हुए कहा, "जो भाजपा दलित प्रेम का ढोंग करती है, उसी भाजपा के नेता दयाशंकर ने राष्ट्रीय नेता मायावती के बारे में ऐसे शब्द कहे, जो मैं मंच से भी नहीं कह सकता."

उन्होंने कहा, "जिस प्राचार्य डॉ. बी. एल. अहिरवार ने बाबा साहब अंबेडकर के बताए मार्ग का अनुसरण करके शिक्षा हासिल की और खुद को इस काबिल बनाया. प्राचार्य ने मुझे चिट्ठी लिखकर मुंगावली महाविद्यालय में आमंत्रित किया और वहां एक छात्रा ने समस्या बताई तो सांसद निधि से 300,000 रुपये मंजूर किए गए."

सिंधिया ने आरोप लगाया कि सांसद निधि से पीने के पानी और फर्नीचर की व्यवस्था के लिए महाविद्यालय को उनके द्वारा धनराशि दिया जाना भाजपा मंत्रियों को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने प्राचार्य पर कार्रवाई कर दी.

उन्होंने सरकार को चुनौती दी, "प्राचार्य बी. एल. अहिरवार पर क्या वार करते हो, वार करना है तो ज्योतिरादित्य सिंधिया पर करो."

उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, "वे कहां गए जो चौकीदार बनते हैं. दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं, रोहित बेमुला की हत्या कर दी गई, बुधनी में दलितों का उत्पीड़न हुआ और छतरपुर में एक दलित बच्ची को अपना मल अपने हाथ से उठाने को मजबूर किया गया. क्या यह उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है."

इस सम्मेलन में पूरे प्रदेश के दलित नेता शामिल हुए, जिनमे पूर्व मंत्री रघुवीर सिंह सूर्यवंशी, प्रभु राम चौधरी, भूपेंद्र सिंह, विधायक इमरती देवी, शकुंतला खटीक, गोपाल सिंह चौहान, हरनाम अहिरवार, शैतान सिंह अहिरवार, त्रिलोक अहिरवार, रमेश ईटोरिया मौजूद रहे.
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