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ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराने वाले सांसद और उनके बेटे का OBC सर्टिफिकेट निरस्त

ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराने वाले सांसद और उनके बेटे का OBC सर्टिफिकेट निरस्त

भाजपा सांसद केपी सिंह यादव और उनके बेटे का OBC सर्टिफिकेट निरस्त कर दिया गया है. (फाइल फोटो)

भाजपा सांसद केपी सिंह यादव और उनके बेटे का OBC सर्टिफिकेट निरस्त कर दिया गया है. (फाइल फोटो)

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्ग्ज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को हराकर देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले भाजपा सांसद केपी सिंह यादव (KP Singh Yadav) और बेटे का OBC सर्टिफिकेट निरस्त कर दिया गया है. आरोप सही हुए तो जा सकती है लोकसभा की सदस्यता.

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अशोक नगर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को लोकसभा चुनाव में हराकर देशभर की सुर्खियों में आए भाजपा सांसद कृष्णपाल सिंह यादव (KP Singh Yadav) का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है. अशोकनगर जिले की मुंगावली एसडीएम बीवी श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की है. SDM श्रीवास्तव ने बताया कि मामला इनके चिरंजीव सार्थक यादव से जुड़ा है. दोनों पिता-पुत्र का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर प्रतिवेदन एडीएम अशोकनगर को भेज दिया गया है. अगर जांच के दौरान सांसद पर लगे आरोप सही साबित होते हैं, तो उनकी लोकसभा सदस्यता भी जा सकती है.

एसडीएम की जांच में सामने आया मामला
बता दें कि मामला वर्ष 2014 का है. एसडीएम मुंगावली एक शिकायत की जांच कर रहे थे. शिकायत में बताया गया था कि भाजपा सांसद केपी यादव ने अपने बेटे को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए अपनी वार्षिक आय क्रीमी लेयर (800000 प्रतिवर्ष) से कम बताई थी. लेकिन जांच में पाया गया कि सांसद कृष्णपाल सिंह यादव की वार्षिक आय ₹80, 0000 से ज्यादा है अतः सार्थक यादव एवं उनके सांसद पिता केपी सिंह यादव दोनों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया ताकि भविष्य में आरक्षण का लाभ ना ले पाएं.

जा सकती है सदस्यता
सांसद एवं उनके बेटे सार्थक यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 466 (दस्तावेज की कूट रचना) एवं 181 (शपथ दिलाने या अभिपुष्टि कराने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक के या व्यक्ति के समक्ष शपथ या अभिपुष्टि पर झूठा बयान) के तहत मामला दर्ज हो सकता है. यदि ऐसा हुआ और इन मामलों में सांसद केपी सिंह यादव दोषी पाए गए तो अधिकतम 7 वर्ष तक की सजा हो सकती है. ऐसी स्थिति में उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त हो सकती है.

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Tags: Madhya pradesh news

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