सोशल मीडिया पर बच्चा चोर की अफवाह जोरों पर, डरे परिजनों ने उठाया ये कदम ...

बच्चा चोर अफवाह की वजह से शासकीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम हो गई है. बच्चे आते भी हैं तो पालकों के संरक्षण में. बच्चों के परिजन बच्चों को छोड़ने आते हैं, लेने आते हैं बल्कि कुछ तो बार-बार स्कूल आकर खिड़की से अपने बच्चों को देखते हैं कि वह स्कूल में है कि नहीं.

Sameer Vashistha | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 28, 2019, 2:09 PM IST
Sameer Vashistha | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 28, 2019, 2:09 PM IST
सोशल मीडिया के जरिए बच्चा चोर की अफवाह फैलाए जाने से अशोकनगर में दहशत का माहौल बन गया है. इसका प्रत्यक्ष असर बच्चों के माता-पिता पर देखने को मिल रहा है. ऐसी अफवाह की वजह से अभिभावकों ने अपने छोटे बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है. भेज भी रहे हैं तो अपने बच्चों पर नजर बनाए हुए हैं. ये सब अशोकनगर जिले के सरकारी स्कूलों में देखने को मिल रहा है. ऐसे दृश्य भी देखने को मिल रहे हैं जहां पालक स्कूल में छुट्टी होने का शिद्दत से इंताजार कर रहे हैं. ऐसा माहौल बनने से शिक्षकों को खासी परेशानी होने लगी है. बच्चों के माता-पिता को ये भरोसा दिलाने के लिए कि उनके बच्चे सुरक्षित हैं स्कूल के मेन गेट पर ताला लगाया जाने लगा है.

पालक बार-बार अपने बच्चों को देखने आते हैं

अफवाह की वजह से शासकीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम हो गई है.


बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और लोगों में एक अफवाह का दौर चल रहा है. अफवाह भी ऐसी की बच्चों से लेकर उनके परिजनों के होश उड़े हुए हैं. इस अफवाह के अनुसार बच्चों को चुराने वाले गैंग घूम रहे हैं, जो बच्चो को चुरा कर ले जा रहे हैं. कहीं-कहीं इसका रूप और वीभत्स कर दिया गया है कि गिरोह के लोग बच्चों के पेट को काटकर अंग निकाल लेते हैं. इस वजह से शासकीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम हो गई है. स्कूलों में बच्चे नहीं आ रहे हैं. आते भी हैं तो पालकों के संरक्षण में. बच्चों के परिजन बच्चों को छोड़ने आते हैं, लेने आते हैं बल्कि कुछ तो बार-बार स्कूल आकर खिड़की से अपने बच्चों को देखते हैं कि वह स्कूल में है कि नहीं. विशेषकर सरकारी स्कूलों में इसका ज्यादा असर देखने को मिल रहा है.

बच्चा चोर की अफवाह से चिंतित हैं पालक

 

पालक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और फिर उन्हें स्कूल से लेने आते हैं.

Loading...

इस बारे में एक शासकीय स्कूल की शिक्षिका आशा श्रीवास्तव ने कहा कि इस अफवाह से पालक बहुत चिंतित हैं शहर में बच्चों को चुराने वाले घूम रहे हैं. इसीलिए पालक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और फिर उन्हें स्कूल से लेने आते हैं. इससे पहले तो पालक अपने बच्चों को स्कूल भेज ही नहीं रहे थे. शिक्षिका ने आगे कहा कि उन्हें जब भी मौका मिलता है तब वह पालकों से उनके बच्चों को स्कूल भेजने के लिए समझाती हैं. पालकों के सामने ही स्कूल के गेट में ताला लगाकर उन्हें भरोसा देती हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित है.

एसपी ने कहा- पुलिस लोगों को कर रही जागरूक

वहीं इस बारे में जिला के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने कहा कि उनका विभाग विभिन्न स्तर पर ऐसी अफवाह को मिटाने का प्रयास कर रहा है. उनके अनुसार पुलिस गांव और मुहल्लों के साथ ही स्कूल व कॉलेजों में जाकर और साथ ही सामुदायिक पुलिसिंग के तहत सभी बच्चों से बातचीत कर रही है. ऐसे अफवाहों को एक सिरे से नकारा जा रहा है. उन्होंने कहा कि बच्चा चोरी की कोई भी घटना अशोकनगर जिले के अंदर नहीं हुई है. सभी बच्चों के माता-पिता को सजग किया जा रहा है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं दें. साथ ही उनसे ये भी कहा गया है कि अगर कोई ऐसी अफवाह फैला रहा है तो उसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दें.

ये भी पढ़ें - खरगोन में वनस्पति से बनाया जा रहा था शुद्ध घी, 675 किलो जब्त

ये भी देखें - जानिये क्या हुआ, जब आधी रात घर में घुसा 12 फीट लंबा मगरमच्छ

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अशोकनगर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 28, 2019, 2:09 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...