DNA टेस्ट के डर से मां ने ली नवजात की जान, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

रीन ने बदनामी के डर से 14 नवंबर 2017 को ट्रॉमा यूनिट में भर्ती रीना ने अपने ही नवजात बच्चे की बड़े ही निर्मम और शातिर तरीके से गला घोंटकर हत्या कर दी थी.

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Updated: May 30, 2018, 4:58 PM IST
DNA टेस्ट के डर से मां ने ली नवजात की जान, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: May 30, 2018, 4:58 PM IST
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में तीन दिन के नवजात बच्चे की हत्या करने के मामले में एक मां को स्थानीय अदालत ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. बता दें कि महिला ने डीएनए टेस्ट में बदनामी के डर से अपने तीन दिन के बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी थी.

बालाघाट जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश दीपक कुमार अग्रवाल की अदालत ने गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अपने फैसला देते हुए आरोपी मां रीना भगत को नवजात शिशु की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही अदालत ने उसे 5,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है.

जानकारी के अनुसार, अभियोजनकर्ता मदन मोहन द्विवेदी ने बताया कि हिरवाटोला निवासी चंचल भगत का विवाह रीना के साथ 9 मई 2017 को हुआ था. 11 नवंबर 2017 को रीना के पेट में दर्द उठने पर पति चंचल ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था. यहां पर उसने स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया था.

बताया जा रहा है कि शादी के 6 महीने में ही 9 महीने का स्वस्थ्य नवजात होने पर पति चंचल ने जब उसका बच्चा न होने की आशंका जाहिर करते हुए डीएनए फॉर्म लेने गया तो इसी दौरान रीन ने बदनामी के डर से 14 नवंबर 2017 को ट्रॉमा यूनिट में भर्ती रीना ने अपने ही नवजात बच्चे की बड़े ही निर्मम और शातिर तरीके से गला घोंटकर हत्या कर दी थी.

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First published: May 30, 2018, 3:24 PM IST
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