ये कैसी पीएम आवास योजना: घर बना नहीं, जिओ टैग में दिख रहा पूरा, गरीबों को ऐसे चूना लगा गए अधिकारी

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में पीएम आवास योजना में भारी गड़बड़ सामने आई है. अधिकारी गरीबों का पैसा खा गए.

ये कैसी पीएम आवास योजना: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में बड़ी धांधली सामने आई है. ये धांधली सेंधवा जनपद में हुई है. हितग्राहियों को न पैसा मिला, न घर बना. जियो टैग में भी गड़बड़ी सामने आई है. कलेक्टर ने कई लोगों पर कार्रवाई की है.

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    पंकज शुक्ला

    बड़वानी. मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की सेंधवा जनपद में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. ये गड़बड़ी प्रधानमंत्री आवास योजना में की गई है. इसमें हितग्राहियों को या तो राशि नहीं मिली या राशि मिली तो सरपंच ले गए या फिर उनका मकान ही नहीं बना, जबकि वो मकान जिओ टैग में पूरा दिखाई दे रहा है. शुरुआती गड़बड़ पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई भी क है.

    बड़वानी जिले के सेंधवा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना को भी नहीं छोड़ा. उसमें भी सेंध लगाकर गरीब हितग्राहियों की राशि डकार गए. सेंधवा जनपद से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर बसा है ग्राम बनिहार. यहां के हितग्राहियों को मिलने वाली पीएम आवास योजना की राशि की बंदरबांट हो गई. पंचायत की निवासी सुरमिया बाई के पति रूमस्या का 5 वर्ष पूर्व निधन हो चुका है. उनके निधन के बाद किसी ने सुरमिया को मिलने वाली पीएम आवास योजना की राशि का आहरण कर लिया. वह आज भी अपने बेटे के साथ झोपड़े में ही रहती है. मृतक के नाम से दो किस्त जारी हुई थीं, लेकिन वह उन्हें नहीं मिली.

    सरपंच ने लगवा लिया अंगूठा

    गांव के हितग्राही भाटिया का आवास 1 वर्ष पूर्व स्वीकृत हुआ था. इसकी पहली किस्त के रूप में उन्हें 25000 रुपए मिलने वाले थे, लेकिन सरपंच ने अंगूठा लगवाकर उनसे यह राशि ले ली. सरपंच ने उनसे कहा कि वे ही मकान बनवाकर देंगे. एक साल बाद भी कुछ नहीं हुआ. उन्हें एक साल बाद महज 2 हजार ईंटें दी गईं.

    तीनों किश्तें सरपंच खा गए

    हितग्राही बारका ने बताया कि उसने झोपड़े के आसपास तीन दीवारें खड़ी कीं. उसके मकान की तीनों किश्तें सरपंच ले गया. जब भी उससे रुपए मांगो तो भगा देता है. उन्होंने बताया कि जितना मकान बना वो भी उन्होंने खुद ही बनाया. जबकि मिलीभगत से जिओ टैग के माध्यम से उनके आवास को पूर्ण बता दिया गया.

    अधिकारी ने की जांच

    मामले में जांच करने गए ब्लॉक समन्वयक अधिकारी कैलाश चौहान ने भी माना कि गांव में लगभग 10 ऐसे हितग्राही हैं जिनके आवास पूर्ण नहीं हैं. इनमें से कुछ की राशि पूरी जारी कर दी गई है. मृतक रूमस्या के नाम से भी राशि जारी हुई है. लेकिन, उसमें यह देखा जा रहा है कि मृतक रूमस्या कि मृत्यु कब हुई थी और उसे पीएम आवास का फायदा कब मिला. उनका मृत्यु प्रमाण पत्र मंगाया जा रहा. जिससे दोनों तारीखों को देखने के बाद आगे का मामला स्पष्ट होगा.

    अधिकारी ने माना गड़बड़ हुई

    ब्लॉक समन्वयक अधिकारी कैलाश चौहान ने ये भी माना कि कुछ हितग्राहियों के मकानों को पूर्ण बता दिया गया, जबकि वे बने ही नहीं हैं. कुछ लोगों की दो किश्तें जारी हुई हैं, लेकिन उन्हें एक भी किश्त नहीं मिली. गांव में इस तरह के करीब 10 हितग्राहियों को लेकर शिकायत मिली है. इसकी जांच रिपोर्ट सीईओ जिला पंचायत को भेजी जाएगी. हालांकि, कैलाश चौहान ये नहीं बता पाए कि जिओ टेग के बावजूद ये फर्जीवाड़ा कैसे हो गया. जबकि उसमें लोकेशन तक ट्रेस हो जाती है.

    जानिए कलेक्टर ने क्या कहा

    दूसरी ओर, बड़वानी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने कहा कि पीएम आवास योजना में प्राथमिक जांच में अनियमितता सामने आई है. इसे लेकर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है. अन्य स्थानों की जांच की जा रही है. जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जियो टेग में होने वाली गड़बड़ी का पता लगाया जाएगा.

    इन पर ये हुई कार्रवाई

    बरहाल मामले में सरपंच वर्षा लखन राठौड़ व सहायक सचिव राजन डावर ग्राम पंचायत बनिहार के खिलाफ धारा 40 और 92 के तहत पंचायत राज अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है. सहायक सचिव को जनपद पंचायत सेंधवा में अटैच किया गया है. वहीं, ग्राम के क्लस्टर प्रभारी उपयंत्री सुधीर चौहान के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की गई है. ब्लॉक समन्वयक कैलाश चौहान को जनपद पंचायत निवाली में अटैच किया गया है. साथ ही सेंधवा जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है.

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