जानिए बड़वानी के इस Farmcart के बारे में, जिसकी PM मोदी ने 'मन की बात' में की सराहना

फार्मकार्ट अब एमपी के बाहर भी अपने स्टोर खोलने की तैयारी में है.
फार्मकार्ट अब एमपी के बाहर भी अपने स्टोर खोलने की तैयारी में है.

कोरोना (Corona) काल में फार्मकार्ट की यह सुविधा किसानों (Farmers) के लिए वरदान साबित हुई. जहां जरूरी चीजों से लेकर हर साधन और संसाधनों की दुकाने बंद थीं ऐसे में फार्मकार्ट ने किसानों को यह सुविधा देकर उन्हें खेती में होने वाले नुकसान से बचा लिया

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बड़वानी.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज मन की बात कार्यक्रम में बड़वानी के फार्मकार्ट (Farmcart) की सराहना की. वही फार्मकार्ट जिसने कोरोना और लॉकडाउन जैसे कठिन समय में किसानों को खेती-किसानी का सामान घर बैठे उपलब्ध कराया. देश में हर व्यक्ति के रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले सभी प्रोडक्ट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, लेकिन खेती के उपयोग में आने वाले खाद-बीज और कीटनाशक जैसी महत्वपूर्ण वस्तुएं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं.

कोरोना का दौर था और लॉकडाउन था. किसान परेशान थे कि ऐसे हालात में वो क्या करें. किसानों की इस परेशानी को बड़वानी जिले के फार्मकार्ट डिपार्टमेंटल स्टोर ने समझा. उसने एक ऐसी वेबसाइट और एप्लीकेशन डेवलप की जिससे किसान घर बैठे खेती के उपयोग का सामान ऑर्डर कर सकता है.अगर उसके पास ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा नहीं है तो वह कैश ऑन डिलीवरी यानि सामान की डिलेवरी होने पर भी पैसे का भुगतान कर सकता है.

कोरोना में किसानों के लिए वरदान
कोरोना काल में फार्मकार्ट की यह सुविधा किसानों के लिए वरदान साबित हुई. जहां जरूरी चीजों से लेकर हर साधन और संसाधनों की दुकाने बंद थीं ऐसे में फार्मकार्ट ने किसानों को यह सुविधा देकर उन्हें खेती में होने वाले नुकसान से बचा लिया. यही कारण रहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में बड़वानी जिले के इस डिपार्टमेंटल स्टोर फॉर्मकार्ट का ज़िक्र किया. उन्होंने इस पहल को सराहा.
प्रधानमंत्री का धन्यवाद


फार्मकार्ट कंपनी के सीईओ अतुल पाटीदार ने कनाडा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद प्रेषित करते हुए उनका आभार माना. कंपनी के डायरेक्टर महेंद्र कुलकर्णी ने इसे किसानों के हित में लांच करने की बात कही. उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने किसानों को खेती का सामान और समस्याओं का ऑनलाइन समाधान उपलब्ध कराया. इस वह फोटो और वीडियो के माध्यम से कंपनी के विशेषज्ञों तक अपनी समस्या पहुंचा सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक फिर किसानों को उचित मार्गदर्शन देते हैं.यही नहीं फार्माकार्ट के माध्यम से किसानों को कम दर पर खाद,बीज और दवाई उपलब्ध हो रही है. इससे किसानों को 5 एकड़ में लगभग 20 हजार तक की बचत होती है. लागत कम लगने से किसानों को सीधी बचत हो जाती है. इस एक पहल से किसानों को खाद-बीज और दवाई के लिए बार बार शहर के चक्कर लगाने से भी निजात मिली गई है.साथ ही अमानक बीज की बुवाई करने पर फसलों के खराब होने की समस्या से भी निजात मिली है

अब एमपी के बाहर भी मिलेगी सुविधा
फार्मकार्ट अभी तक सिर्फ मध्यप्रदेश में किसानों को यह सुविधा उपलब्ध करा रहा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में इसका ज़िक्र, तारीफ और सराहना की तो अब कंपनी ने देश के अन्य शहरों की ओर भी रुख करने का मन बना लिया है. इससे ज्यादा से ज्यादा किसानों तक यह सुविधा पहुंच पाएगी. किसानों को डिजिटलाइजेशन का फायदा मिलेगा और खेती को फायदे का धंधा बनाया जा सकेगा.
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