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गैंगरेप के आरोपी कांग्रेस विधायक को मिली जमानत, 130 दिन से थे जेल में बंद

Pankaj Shukla | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: June 10, 2016, 3:20 PM IST
गैंगरेप के आरोपी कांग्रेस विधायक को मिली जमानत, 130 दिन से थे जेल में बंद
मध्यप्रदेश के बड़वानी से कांग्रेस विधायक रमेश पटेल शुक्रवार को जेल से जमानत पर रिहा हो गए हैं. राज्यसभा सदस्य की वोटिंग के सिलसिले में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है.

मध्यप्रदेश के बड़वानी से कांग्रेस विधायक रमेश पटेल शुक्रवार को जेल से जमानत पर रिहा हो गए हैं. राज्यसभा सदस्य की वोटिंग के सिलसिले में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है.

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मध्यप्रदेश के बड़वानी से कांग्रेस विधायक रमेश पटेल शुक्रवार को जेल से जमानत पर रिहा हो गए हैं. राज्यसभा सदस्य की वोटिंग के सिलसिले में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है.

जेल से निकलने के बाद विधायक पटेल ने सबसे पहले अपने समर्थकों का अभिवादन किया. इसके बाद वे राजधानी भोपाल में होने वाले कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो गए.

विधायक रमेश पटेल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वो अपना वोट पार्टी के उम्मीदवार को ही देंगे. उन्हे उम्मीद ही नहीं, पूरा विश्वास है कि कांग्रेस प्रत्याशी विवेक तन्खा ही मध्यप्रदेश में जीतेंगे.

रमेश पटेल ने यह भी कहा कि, अगर जमानत नहीं होती तो पैरोल पर छूटकर वोट डालने जरूर जाते. उनको पैरोल दिलाए जाने के पार्टी की तरफ से पूरे प्रयास किए जा रहे थे.

गौरतलब है कि इंदौर हाईकोर्ट ने गुरुवार को बड़वानी विधायक रमेश पटेल और अन्य तीन को छात्रावास अधीक्षिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जमानत दे दी. इसके बाद शुक्रवार को विधायक तकरीबन 130 दिन जेल में बिताने के बाद रिहा किए गए. न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण के चलते विधायक बीते 2 फरवरी से जेल में थे.

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जानिए, पूरा मामलादरअसल, जिला पंचायत बड़वानी के तत्कालीन अध्यक्ष और मौजूदा विधायक रमेश पटेल और उनके तीन अन्य साथियों गंगाराम, राय सिंह पर आरोप है कि 31 जुलाई 2010 को उन्होंने छात्रावास की अधीक्षिका के साथ बारी-बारी से बलात्कार किया.

इस मामले में पीड़िता की शिकायत के बाद जिले के सिलावद थाने में रमेश पटेल सहित तीन लोगों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज हुआ. उस समय पीड़िता की शिकायत पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. वहीं, रमेश पटेल को जिला पंचायत बडवानी के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था.

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एक बार फिल खुला मामला
मामले में बड़वानी स्थित विशेष न्यायालय में पीड़िता के पक्षद्रोही हो जाने के चलते 28 फरवरी 2011 को रमेश पटेल समेत सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया. इसके बाद पीड़िता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और बताया कि विशेष न्यायालय में उसने दबाव में बयान दिए हैं और अब वह बयान देगी. इस पर हाईकोर्ट ने बड़वानी के विशेष कोर्ट को दोबारा उसके बयान लेने के निर्देश दिए थे.

इसके बाद चली सुनवाई में बड़वानी के विशेष कोर्ट ने रमेश पटेल और उनके साथियों की जमानत याचिका खारिज कर दी और उनको 16 नवंबर 2015 को उपस्थित होने के निर्देश दिये गये थे. इस दौरान आरोपियों की हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी उनकी अग्रिम जमानत की अर्जियां खारिज हो गईं थीं.

सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बड़वानी विशेष कोर्ट में सरेंडर कर जमानत के लिए प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए थे. वहीं, कोर्ट के लोक अभियोजक ने साक्ष्यों को प्रभावित करने की दलील दी. इसके बाद उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए चारों को 2 फरवरी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

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First published: June 10, 2016, 3:10 PM IST
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