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किसानों की हालत के सुधार को लागू हों स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशें : मेधा पाटकर

News18 Madhya Pradesh
Updated: June 9, 2018, 11:23 PM IST
किसानों की हालत के सुधार को लागू हों स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशें : मेधा पाटकर
मेधा पाटकर -नेत्री नर्मदा बचाओ आंदोलन

नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर ने किसानों के मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि किसानों को मजदूरों से भी कम रुपये उनकी मेहनत के मिल रहे हैं.

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नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर ने किसानों के मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि किसानों को मजदूरों से भी कम रुपये उनकी मेहनत के मिल रहे हैं.किसान महज 42 रुपये प्रतिदिन कमाता है. मोदी सरकार के द्वारा किसानों की दोगुना आय कर देने पर भी उसके किसानों को नहीं सुधरेंगे. मेधा पाटकर ने देश के सभी राजनीतिक दलों और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के हालात सुधारने के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए.

उन्होंने कहा कि सीटू पद्धति से किसानों की फसलों का सही आंकलन किया जाए. इससे उन्हें किसानी खेती में होने वाले खर्च और आय का तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकेगा और उन्हें उचित आय मिल सकेगी. मेधा पाटकर ने शुरुआती दौर में राष्ट्रीय सैंपल सर्वे की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि देश में प्रति किसान प्रतिदिन की औसत आय महज 42 रुपये है. इसे अगर देखा जाए तो मजदूर को भी इससे अधिक मजदूरी प्रतिदिन के हिसाब से मिलती है.

मेधा पाटकर ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व में भी भाजपा सरकार के चुनावी घोषणापत्र में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश से लागू करने की बात कही थी लेकिन बाद में वह इस बात से मुकर गई. वहीं एक याचिका की सुनवाई के दौरान मोदी सरकार ने शपथ पत्र देते हुए उसमें इस बात  का उल्लेख किया कि देश में 50% आबादी किसानों की है जिसमें से महज 8% किसान आत्महत्या करते हैं. आत्महत्या के प्रतिशत कम होने पर क्या किसान की आत्महत्या चिंता का विषय नहीं है.

( पंकज शुक्ला की रिपोर्ट)

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First published: June 9, 2018, 11:23 PM IST
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