हर पल मौत का खतरा होने के बाद भी घर छोड़ने को तैयार नहीं ये परिवार, जानिए क्‍यों?

Pankaj Shukla | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 11, 2019, 11:53 PM IST
हर पल मौत का खतरा होने के बाद भी घर छोड़ने को तैयार नहीं ये परिवार, जानिए क्‍यों?
कुंवर सिंह के घर में घुसा दो से तीन फीट पानी.

मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सरदार सरोवर बांध (Sardar Sarovar Dam) की वजह से कुंवर सिंह का घर व खेत डूब चुका है, लेकिन वह तब तक वह अपना घर छोड़ना नहीं चाहता,जब तक उसे पुनर्वास का लाभ नहीं मिल जाता.

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बड़वानी. मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बारिश का कहर जारी है और इसी वजह से सरदार सरोवर बांध (Sardar Sarovar Dam) के डूब क्षेत्र में आए दिन अलग-अलग मामले सामने आ रहे हैं. अब हम बात कर रहे हैं ग्राम जांगरवा निवासी कुंवर सिंह की. बांध की डूब में उनका खेत और घर आ रहे हैं, लेकिन उसे लंबी लड़ाई के बाद हाल में डूब प्रभावित माना गया है. इससे पूर्व कुंवर सिंह अपने हक की लड़ाई जिले से लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक लड़ चुके हैं. वर्तमान में उनके घर में दो से तीन फीट तक पानी आ गया है. कुंवर सिंह का कहना है कि जब तक उसे पुनर्वास का लाभ नहीं मिलेगा, तब तक वह अपना घर नहीं छोड़ेगा.

सात साल से जारी है लड़ाई
कुंवर सिंह ने बताया कि वह सात साल से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं. पहले उसे स्थानीय स्तर पर अपात्र माना गया तो उसने सुप्रीम कोर्ट तक में गुहार लगाई. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शिकायत निवारण प्राधिकरण ने कई चक्कर लगवाने के बाद दो साल पहले उसे डूब प्रभावित माना और धार जिले में जमीन के बदले जमीन देने की बात कही गई, लेकिन इसके चार घंटे बाद ही उसे अपात्र घोषित कर दिया गया. इस पर कुंवर सिंह ने पुनर्विचार के लिए आवेदन दिया. अब गत 3 सितंबर को एनवीडीए ने उसे एक पत्र सौंपा है, इसमें उसकी करीब 28 प्रतिशत खेती डूब में मानी गई है और उसे पात्र बताया गया है. ज्ञात हो पुनर्वास का लाभ 25 प्रतिशत से अधिक खेत डूबने पर दिया जाता है.

कुंवर सिंह की पत्नी गोदावरी बाई.


इस कारण नहीं छोड़ रहे हैं घर
कुंवर सिंह का कहना है कि सिर्फ पत्र पर विश्वास नहीं किया जा सकता. यदि पत्र पर विश्वास कर घर छोड़ दिया और बाद में फिर अपात्र करार दे दिया तो क्या करेंगे? उन्‍होंने मांग की है कि उसे जमीन के बदले जमीन या मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक वह अपना घर नहीं छोड़ेगा. कुंवर सिंह की पत्नी गोदावरी बाई ने बताया कि परिवार में सात सदस्य हैं. खेती डूब गई तो आजीविका का कोई साधन नहीं है. अब घर और खेत दोनों डूब रहे हैं, ऐसे में छोटे बच्चों को लेकर कहां जाएंगे? उल्लेखनीय है कि कुंवर सिंह को भूखंड और आवास निर्माण के लिए तीन लाख रुपए मिल चुके हैं, लेकिन उसने फिलहाल घर नहीं बनाया है.

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First published: September 11, 2019, 11:24 PM IST
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