बैतूल: ADJ और बेटे की मौत के मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार, इस 'करीबी' ने रची थी पूरी साजिश
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बैतूल: ADJ और बेटे की मौत के मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार, इस 'करीबी' ने रची थी पूरी साजिश
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

एसपी सिमाला प्रसाद ने बताया कि एडीजे महेंद्र त्रिपाठी और बेटे अभियान राज की मौत (Death) के मामले में एडीजे (ADJ) की परिचित महिला मित्र एवं एनजीओ (NGO) की संचालक संध्या सिंह समेत 6 लोगों को आज गिरफ्तार किया गया है.

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बैतूल. मध्य प्रदेश पुलिस ने दावा किया कि बैतूल जिला अदालत में पदस्थ रहे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) महेंद्र त्रिपाठी और उनके 33 साल के बेटे अभियान राज की कथित रूप से आटे में मिलए गए जहर से मौत (Death) हुई है. इस मामले में एक एनजीओ की महिला संचालक सहित 6 लोगों को बुधवार को गिरफ्तार किया गया है. बैतूल जिले के पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने बताया कि एडीजे महेंद्र त्रिपाठी और बेटे अभियान राज की मौत के मामले में एडीजे की परिचित महिला मित्र एवं एनजीओ की संचालक संध्या सिंह समेत 6 लोगों को आज गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि एडीजे को जहर (Poison) उनके घर के आटे में मिलाकर इसी महिला ने दिया था.

एसपी सिमाला प्रसाद ने कहा कि एडीजे त्रिपाठी और इसके दो बेटे अभियान राज त्रिपाठी और आशीष राज त्रिपाठी 20 जुलाई की रात तकरीबन 10.30 बजे खाना खाने के बाद अचानक उल्टियां करने लगे और बीमार हो गए. जिस खाने के बाद इनकी तबीयत खराब हुई वह भोजन एडीजे की पत्नी भाग्य त्रिपाठी ने तैयार किया था. तैयार गर्म रोटियां खाने के बाद उनकी तबीयत खराब हुई थी. एडीजे की पत्नी ने बासी भोजन किया, इस कारण उनकी तबीयत में कोई गड़बड़ी नहीं हुई. एसपी ने कहा कि 21 और 22 जुलाई को इन तीनों का न्यायाधीश आवास परिसर बैतूल में ही इलाज चलता रहा. 23 जुलाई को स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने के कारण इन तीनों को पाढर अस्पताल बैतूल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने के बाद नागपुर भेज दिया गया.

आटे में मिलाकर दिया था जहर



पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने कहा कि नागपुर के एक अस्पताल में 26 जुलाई की सुबह करीब 04.30 बजे के लगभग महेन्द्र त्रिपाठी की मौत हो गई. इससे एक दिन पहले उनके बेटे अभियान राज ने दम तोड़ दिया था. एडीजे के छोटे बेटे आशीष राज त्रिपाठी की तबीयत ज्यादा खराब न होने के कारण उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. प्रसाद ने बताया कि नागपुर पुलिस ने एडीजे की मौत के बाद उनके छोटे बेटे आशीष राज त्रिपाठी की सूचना पर मामला दर्ज किया था. उन्होंने कहा कि आशीष ने पुलिस को बताया था कि नागपुर आते समय उसके पिता महेन्द्र त्रिपाठी ने रास्ते में उसे बताया था कि परिचित संध्या सिंह ने उन्हें यह आटा दिया था. उस आटे की पूजा किसी पंडित ने की थी. वही आटा घर के आटे में मिलाकर खाना बनाया और खाया गया था.
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एसपी ने बताया कि दोनों मृतक पिता और पुत्र का इंदिरा गांधी मेडीकल कॉलेज नागपुर में पोस्टमार्टम चिकित्सकों द्वारा किया गया. जांच में यह सामने आया है कि रीवा की संध्या सिंह द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया. वह छिन्दवाड़ा में एनजीओ चलाती है और एडीजे महेन्द्र त्रिपाठी की महिला मित्र थी. उन्होंने कहा कि एडीजी की पत्नी और परिवार के बैतूल आ जाने के कारण से पिछले चार महीने से एडीजे से मिल नहीं पा रही थी. गुस्से में उसने अपने ड्राइवर संजू, संजू के फूफा देवीलाल चन्द्रवंशी, मुबीन खान, कमल और बाबा उर्फ रामदयाल के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा. अपनी योजना के अनुसार संध्या सिंह ने आटे में जहर मिलाकर एडीजे को दे दिया. इसी आटे की रोटी खाने से एडीजे और उनके बेटे की मौत हो गई. एसपी प्रसाद ने बताया कि पुलिस ने घटना में प्रयुक्त आरोपियों की कार जब्त की है. उन्होंने कहा कि पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है.
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