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बैतूल का तन्मय नहीं रहा: 4 दिन बाद 55 फीट गहरे बोरवेल से हुआ रेक्स्यू, अस्पताल में तोड़ा दम

बैतूल जिले के मांडवी गांव में मंगलवार शाम 55 फुट गहरे खुले बोरवेल में गिरे तन्मय को बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. (ANI Photo)

बैतूल जिले के मांडवी गांव में मंगलवार शाम 55 फुट गहरे खुले बोरवेल में गिरे तन्मय को बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. (ANI Photo)

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद रेस्क्यू ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए हुए थे. भोपाल और होशंगाबाद से SDRF की टीमें बुलाई ...अधिक पढ़ें

बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मंडावी गांव में 6 दिसंबर को खेलने के दौरान 55 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 8 वर्षीय बच्चे तन्मय साहू को 4 दिन तक चले मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर तो निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी. बैतूल प्रशासन ने बताया कि 84 घंटे के बाद तन्मय का शव बोरवेल से बाहर निकाला गया. बोरवेल से निकालने के तुरंत बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने तन्यम को मृत घोषित कर दिया. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, आठनेर के थाना प्रभारी अजय सोनी ने बताया कि मांडवी के सुनील साहू का 8 साल का बेटा तन्मय 6 दिसंबर की शाम करीब 5 बजे बोरवेल में गिर गया था.

सूचना मिलते ही मौके पर एसडीईआरएफ और पुलिस की टीमें पहुंचीं और बचाव कार्य प्रारंभ किया. तन्मय बोरवेल में करीब 50 फीट की गहराई पर अटका हुआ था और बात कर रहा था. बोरवेल से करीब 30 फीट की दूरी पर बुलडोजर और पोकलेन मशीन की सहायता से सुरंग बनाने के लिए खुदाई प्रारंभ की गई थी. पोकलेन मशीन से करीब 50 फीट की गहराई तक खुदाई की गई, इसके बाद बोरवेल में फंसे हुए बच्चे तक पहुंचने के लिए एक समानांतर सुरंग बनाने का काम हुआ. रेस्क्यू टीमें तन्मय तक पहुंच गईं और उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन वह अंदर ही दम तोड़ चुका था.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए ट्वीट किया था, ‘बैतूल के आठनेर ब्लॉक के मांडवी गांव में 8 साल के मासूम के बोरवेल में गिरने की घटना दुखद है. मैंने स्थानीय प्रशासन को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. मैं प्रशासन के सतत संपर्क में हूं. रेस्क्यू टीम बच्चे को सुरक्षित बचाने हेतु प्रयासरत है. मासूम की कुशलता की प्रार्थना करता हूं.’ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद रेस्क्यू ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए हुए थे. भोपाल और होशंगाबाद से SDRF की टीमें बुलाई गई थीं. बच्चे को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही थी. रेस्क्यू टीमों ने बच्चे को बाहर तो निकाल लिया, लेकिन वह अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गया.

Tags: Betul news, Madhya Pradesh News Updates, MP News Today

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