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बैतूल में है भाई-बहन का दुनिया का एकमात्र मंदिर, मकर संक्रांति पर है इसका खास महत्व

Rishu Naidu | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 15, 2020, 9:26 AM IST
बैतूल में है भाई-बहन का दुनिया का एकमात्र मंदिर, मकर संक्रांति पर है इसका खास महत्व
मकर संक्रांति के अवसर पर बैतूल में सूर्य परिवार की पूजा

यूं तो सभी शनि भगवान और देवी ताप्ती (Tapti) की आराधना करते हैं, लेकिन अगर आप इन दोनों के साथ सूर्यदेव का दर्शन एक ही स्थान पर करना चाहते हैं तो केवल बैतूल के खेड़ी स्थित मंदिर में ही यह संभव है.

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बैतूल. आज मकर संक्रांति (Makar sankranti) है. सूर्य की आराधना का दिन. इस दिन सूर्य अपनी दिशा बदल कर उत्तरायण होता है. आज से शुभ काम शुरू होते हैं. पूरे भारत में यह पर्व अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है और परंपरा के मुताबिक उत्सव मनाया जाता है. इस दिन लोग प्रमुख नदियों के तटों पर सूर्य की उपासना करते हैं. लेकिन, मध्य प्रदेश के बैतूल (Betul) में सूर्य के साथ सूर्य पुत्र और पुत्री की पूजा भी होती है. यहां एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जिसे भाई बहन और सूर्य परिवार का मंदिर कहा जाता है. यह मंदिर बैतूल के खेड़ी में ताप्ती नदी के किनारे है.

बैतूल के खेड़ी में ताप्ती नदी के किनारे एक ऐसा मंदिर है जो भाई बहन के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है. इस मंदिर में दो प्रतिमाएं हैं. एक ताप्ती की और दूसरी शनि भगवान की. ताप्ती को सूर्य पुत्री कहा जाता है. वहीं, शनि और यम, सूर्य के बेटे हैं. भगवान शनि और उनकी बहन ताप्ती देवी की यहां एक साथ उपासना होती है. इसलिए इसे भाई बहन के मंदिर का स्थान मिला है. स्थानीय लोग बताते हैं कि ये देश का एकमात्र भाई बहन का मंदिर है.

पिता का मंदिर
भाई बहन के अलावा उनके पिता यानी सूर्य देवता भी यहां मौजूद हैं. इसलिए इसे सूर्य परिवार का मंदिर भी कहा जाता है. पुजारी बताते हैं कि दुनिया में और कहीं भी ऐसा दूसरा मंदिर नहीं है.

मकर संक्रांति पर मेला
हर साल मकर संक्रांति पर इस मंदिर में भक्तों का हुजूम उमड़ता है. लोग सूर्य देवता की उपासना के साथ उनके पूरे परिवार के एक साथ दर्शन करने आते हैं. जो लोग बाहर से आते हैं वो सूर्य परिवार और भाई बहन के मंदिर के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं. कहा जाता है कि मकर संक्रांति के दिन यहां दर्शन का विशेष महत्व भी होता है.

सूर्य परिवार एक साथयूं तो सभी शनि भगवान और देवी ताप्ती की आराधना करते हैं लेकिन अगर आप इन दोनों के साथ सूर्य देवता के दर्शन एक ही स्थान पर करना चाहें तो केवल बैतूल के खेड़ी स्थित इस मंदिर में ही ये सम्भव हो सकता है.

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First published: January 15, 2020, 9:07 AM IST
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