शिवराज सरकार के मंत्री का नेहरू पर 'प्रहार', कहा- पूर्व PM ने नहीं बनने दी संस्कृत को अनिवार्य भाषा

मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया द्वारा देश के पहले प्रधानमंत्री पर दिए गए बयान से विवाद खड़ा होने की संभावना है

मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया द्वारा देश के पहले प्रधानमंत्री पर दिए गए बयान से विवाद खड़ा होने की संभावना है

सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया (Arvind Bhadauria) ने कहा, यदि हमारे देश की भाषा संस्कृत होती तो आज दुनिया की पहली पंक्ति में भारत खड़ा होता. लेकिन देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के पाश्चात्य प्रेम ने संस्कृत भाषा को अनिवार्य नहीं बनने दी. वो इतने पर ही नहीं रूके, उन्होंने कहा कि नेहरू जी के कपड़े भी पेरिस में धुलते थे

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 8:48 PM IST
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भिंड. मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया (Arvind Bhadauria) ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि नेहरू की वजह से ही संस्कृत (Sanskrit) भाषा अनिवार्य नहीं हो सकी. संविधान सभा की पहली बैठक में भीमराव अंबेडकर ने संस्कृत भाषा को अनिवार्य करने की वकालत की थी. लेकिन नेहरू ने ऐसा होने नहीं दिया. रविवार को भिंड में कीर्ति स्तंभ पर संस्कृत भारती के जनपद सम्मेलन में शामिल होने पहुचे अरविंद भदौरिया ने मंच से यह बातें कही.

भदौरिया ने कहा कि यदि हमारे देश की भाषा संस्कृत होती तो आज दुनिया की पहली पंक्ति में भारत खड़ा होता. लेकिन देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के पाश्चात्य प्रेम ने संस्कृत भाषा को अनिवार्य नहीं बनने दी. वो इतने पर ही नहीं रूके, उन्होंने कहा कि नेहरू जी के कपड़े भी पेरिस में धुलते थे.

माना जा रहा है कि सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया के इस ताजा बयान से सियासी विवाद खड़ा हो सकता है.
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