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भोपाल में डेंगू की मार : मरीज़ों की संख्या 1 हज़ार के पार, 4 की मौत

भोपाल में डेंगू का क़हर
भोपाल में डेंगू का क़हर

भोपाल (bhopal) की पॉश सरकारी कॉलोनियों (government colony) से लेकर पिछड़ी बस्तियों तक में डेंगू (dengue) फैल रहा है. इनमें मंत्रियों से लेकर आला अफसरों की सरकारी बस्ती चार इमली और शिवाजी नगर से लेकर निजी कॉलोनी अवधपुरी,कोलार,एम्स क़ॉलोनी और कोटरा तक शामिल हैं.

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भोपाल. राजधानी भोपाल (bhopal) में इस बार डेंगू (dengue) का फैलाव सबको डरा रहा है.  इस साल 10 महीने में करीब 11 सौ मरीज़ (patient) इसके सामने आ चुके हैं. इनमें से 4 की मौत (death) हो चुकी है. डेंगू (dengue) की चपेट में बुज़ुर्गों से लेकर बच्चे तक हर उम्र के लोग हैं.

डेंगू का प्रकोप पूरे शहर पर हावी है. इस बार तो मच्छरों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. बीते 10 महीनों में मरीज़ों की संख्या एक हज़ार से ऊपर पहुंच गयी है. इस साल जनवरी से लेकर अब तक डेंगू के 1081 मरीज़ों की पहचान हो चुकी है. इससे पहले 2017 में डेंगू के 1077 मरीज़ मिले थे. ज़िम्मेदारों की लापरवाही का खामियाज़ा जनता को भुगतना पड़ रहा है.हाल ये है कि डेंगू का डंक हर उम्र के लोगों को लग रहा है.चाहें वो साल भर का बच्चा हो या बुज़ुर्ग व्यक्ति.
भोपाल का शायद ही कोई अस्पताल हो जहां डेंगू और मलेरिया के मरीज़ एडमिट ना हों. हालांकि डॉक्टरों का कहना है हालात पूरी तरह से काबू में हैं. लेकिन एक ही दिन में 20 मरीज़ों में डेंगू की पुष्टि होने से स्वास्थ्य विभाग के माथे से पसीना छूटने लगा है.
इस वजह से फैला डेंगू
भोपाल में इस बार इतनी तेज़ी से डेंगू फैलने के कई कारण समझ आ रहे हैं. शहर में दरअसल इस बार डेंगू का फैलाव रोकने के लिए माइक्रो प्लानिंग के तहत वॉर्ड स्तर पर टीमें नहीं बनायी गयीं. कुल 170 टीमें बनायी जाना थीं. लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ 42 टीमें बनाईं. शहर में सिर्फ खानापूर्ति के लिए फॉगिंग की जा रही है. उसके लिए भी पर्याप्त अमला नहीं है. शहर में लार्वा सर्वे होना था, लेकिन उसमें भी लापरवाही बरती गयी. जिन लोगों के घर लार्वा मिला उनके ख़िलाफ चालानी कार्रवाई ठीक से नहीं की गयी.
शहर के सेंसेटिव ज़ोन


भोपाल की पॉश सरकारी कॉलोनियों से लेकर पिछड़ी बस्तियों तक में डेंगू फैल रहा है. इनमें मंत्रियों से लेकर आला अफसरों की सरकारी बस्ती चार इमली और शिवाजी नगर से लेकर निजी कॉलोनी अवधपुरी,कोलार,एम्स क़ॉलोनी और कोटरा तक शामिल हैं.
अस्पताल का सीन
अस्पतालों में मरीज़ों की ये भीड़ अमूमन बारिश के सीज़न के बाद आती है. लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं. भोपाल सहित पूरे प्रदेश में डेंगू और मलेरिया के मामले काफी ज़्यादा आ रहे हैं.डेंगू से अब तक इस साल 4 लोगों की मौत हो चुकी है और मरीज़ो की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.प्रदेश के अस्पतालों में मरीज़ रोजाना पहुंच रहे हैं. शहर के जेपी अस्पताल की ही बात की जाए तो रोज़ 5 से 6 मरीज पहुंच रहे हैं. यहां डेंगू मरीज़ो के लिए अलग वॉर्ड है जो लगातार भरा हुआ है.

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