भोपाल में कोरोना का तांडव, कोविड प्रोटोकॉल से एक दिन में 112 शवों का अंतिम संस्कार, जानें क्‍या हैं सरकारी आंकड़े

भोपाल में श्‍मशान और कब्रिस्‍तान में जगह कम पड़ रही है.

भोपाल में श्‍मशान और कब्रिस्‍तान में जगह कम पड़ रही है.

भोपाल (Bhopal) में रविवार को 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल (Covid Protocol) के साथ अंतिम संस्कार हुआ है. इससे पहले 16 अप्रैल को एक दिन में रिकॉर्ड 118 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था.

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भोपाल. मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में एक बार फिर कोरोना सस्पेक्ट के मौत के मामले बढ़ने लगे हैं. रविवार को एक दिन में 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार (Cremation with Covid Protocol) होने से दहशत का माहौल बन गया है. बता दें कि 18 अप्रैल को मिले 17 तारीख के आंकड़ों के अनुसार, शहर के मुख्य विश्राम घाट और कब्रिस्तान में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 92 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया था. हालांकि सरकारी आंकड़ों में कोरोना से 3 मौत होना बताया गया था. इन आंकड़ों को देखकर यह लग रहा था कि अब अस्पतालों में बेड के साथ ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता धीरे-धीरे होने लगी है, लेकिन एक बार फिर सरकार के सभी दावे इन मौतों के आंकड़े के आगे फेल साबित हो गए हैं.

ताजा आंकड़ों के अनुसार 18 अप्रैल को 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के अंतिम संस्कार साथ किया गया. सबसे ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट में हर बार की तरह किया गया. भदभदा विश्राम घाट में 68 और सुभाष विश्राम घाट में 32 शकों का अंतिम संस्कार किया गया. जबकि झदा कब्रिस्तान में 12 शवों को दफनाया गया. वैसे सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना से 5 मौत होना बताया गया है.

फिर बढ़ने लगा मौत का आंकड़ा

16 अप्रैल को एक दिन में 118 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया था. यह अभी तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था. इसने पिछले साल और दूसरी लहर में अभी तक मौत के सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. हालांकि सरकारी आंकड़ों में मौत की संख्या संदिग्ध मरीज पता कर कम बताई जा रही है. शहर में कोरोना प्रोटोकॉल से हो रहे अंतिम संस्कारों के आंकड़ों में बड़ी तेजी से इजाफा हुआ है. 15 अप्रैल को 112 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ था. जबकि 17 अप्रैल को यह आंकड़ा 92 था. इस आंकड़े से लग रहा था कि अब भोपाल को कोरोना से धीमे-धीमे राहत मिलने लगी है, लेकिन अब फिर से मौत के आंकड़े ने शहर में रफ्तार पकड़ ली है.
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