Deadly Corona: अब डराने लगी है ‘मौत’, भोपाल में 123 शवों का हुआ अंतिम संस्कार, सरकार ने बताए 5

भोपाल में कोरोना संक्रमण से मरने वालों का सिलसिला थम नहीं रहा.

भोपाल में कोरोना संक्रमण से मरने वालों का सिलसिला थम नहीं रहा.

Corona Death: भोपाल में सोमवार को 123 शवों का अंतिम संस्कार हुआ. ये आंकड़ा अब तक का सबसे बड़ा फिगर है. सरकार के मुताबिक, केवल 5 लोगों की ही मौत हुई. कोरोना अब और ज्यादा खतरनाक हो रहा है.

  • Last Updated: April 20, 2021, 1:12 PM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अब मौत डराने लगी है. शहर के किसी न किसी कोने में कोई न कोई जिंदगी की जंग हार रहा है. यहां अब एक ही दिन में 123 संदिग्ध कोरोना मरीजों की मौत हुई. इन शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया. सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 5 लोगों की मौत बताई गई.

शहर के मुख्य विश्राम घाट और कब्रिस्तान से मिले आंकड़ों के अनुसार 19 अप्रैल को 123 शवों के अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किए गए. सबसे ज्यादा अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट में 83, सुभाष विश्राम घाट में 32 के किए गए. झदा कब्रिस्तान में 8 शवों को दफनाया गया. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 5 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई.

चार दिनों जले सैकड़ों शव

18 अप्रैल को 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के अंतिम संस्कार साथ किया गया था. सबसे ज्यादा  शवों के अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट पर किए गए.  17 अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार शहर के मुख्य विश्राम घाट और कब्रिस्तान में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 92 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया था.  सरकारी आंकड़ों में कोरोना से 3 मौत होना बताया गया था. 16 अप्रैल को 118, 15  अप्रैल को 112 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ था.
रिकवरी रेट में हो रहा सुधार

मप्र में कोरोना संक्रमण से रिकवरी रेट में दिन-ब-दिन सुधार हो रहा है. पिछले 5 दिन में 32 हजार से अधिक लोग कोरोना से जंग जीतकर अपने घर लौट चुके हैं. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच दिन में 32 हजार 294 कोरोना संक्रमित व्यक्ति कोरोना से जंग जीत कर घर वापस लौटे. 15 अप्रैल को 3970, 16 अप्रैल को 7496, 17 को 6497, 18 को 7495 और 19 अप्रैल को 6836 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ हुए.

राहत की खबर



हालांकि आंकड़ा संक्रमित मरीज की तुलना में करीब आधा है. इस विकट परिस्थितियों और हालात में रिकवरी रेट में लगातार तेजी से सुधार हो रहा है. जोकि प्रदेश की जनता के लिए राहत भरा साबित हो रहा है. रिकवरी रेट बेड की संख्या और कोविड केयर सेंटर खोले जाने से तेजी से बढ़ा है.
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