लाइव टीवी

MP: व्यापमं महाघोटाले में अब तक 13 केस दर्ज, आगे होगी 87 और नई FIR
Bhopal News in Hindi

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 25, 2020, 12:55 PM IST
MP: व्यापमं महाघोटाले में अब तक 13 केस दर्ज, आगे होगी 87 और नई FIR
व्यापमं महाघोटाले में अब तक 13 FIR दर्ज, आगे होगी 87 और नई FIR

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिक्षा जगत (Education world) में हुए सबसे बड़े महाघोटाले (Major Scam) में अभी तक 13 एफआईआर (FIR) दर्ज हो चुकी है.

  • Share this:
भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिक्षा जगत (Education world) में हुए सबसे बड़े महाघोटाले (Major Scam) में अभी तक 13 एफआईआर (FIR) दर्ज हो चुकी है. आगे भी इस घोटाले में 87 एफआईआर दर्ज होना बाकी है. एसटीएफ (Special Task Force, STF) 197 शिकायतों की जांच कर रही है. इन्हीं शिकायतों की जांच के बाद FIR दर्ज की जा रही है.

न्यूज़ 18 ने खुलासा किया था कि सरकार के निर्देश के बाद एसटीएफ ने व्यापमं घोटाले की जांच शुरू कर 197 शिकायतों में से 100 को चिह्नित कर लिया है. इन्हीं शिकायतों में से एसटीएफ ने एक महीने की जांच में अब तक 13 एफआईआर दर्ज की है. मामले में आगे की जांच जारी है, जिसमें और भी नई एफआईआर दर्ज की जानी है. एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि अभी करीब 87 एफआईआर और दर्ज किया जाना है.

100 एफआईआर में बनेंगे 500 आरोपी 

एसटीएफ के 20 अधिकारी और कर्मचारी की टीम वर्षों से पेंडिंग पड़ी 197 शिकायतों की जांच कर रही है. इनमें से 100 शिकायतों को चिह्नित कर एफआईआर की कार्रवाई की जा रही है. दर्ज होने वाली 100 एफआईआर में करीब 500 लोगों को आरोपी बनाया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि चिह्नित शिकायतों की जांच में तत्कालीन शिवराज सरकार के कई मंत्री, आईएएस और आईपीएस अफसरों के नाम सामने आए हैं. साथ ही इस जांच के दौरान पूर्व मंत्री जगदीश देवड़ा के साथ तमाम बड़े राजनेताओं और नौकरशाहों पर शिकंजा कसा जा सकता है. पीएमटी 2008 से 2011 के साथ डीमेट और प्रीपीजी में हुई गड़बड़ियों की शिकायतों पर सबसे पहले एफआईआर दर्ज होगी.

सीबीआई की जांच में दखल नहीं 

एसटीएफ की टीम सिर्फ पेंडिंग शिकायतों या फिर आने वाली नई शिकायतों पर जांच करेगी. वहीं एसटीएफ के अधिकारी सीबीआई की जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगे. वर्ष 2015 में एसटीएफ से व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली थी. एसटीएफ एडीजी अशोक अवस्थी ने बताया कि तमाम पेंडिंग शिकायतों की जांच की जा रही है और सबूतों के आधार पर एफआईआर दर्ज करने का सिलसिला जारी है. इस घोटाले में जो भी आरोपी बच गए थे, चाहे वह कितना भी बड़ा हो, किसी को जांच के दौरान नहीं छोड़ा जाएगा. सभी पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं एसटीएफ की जांच में तेजी आए, इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया था. पत्र में एसटीएफ को जांच के लिए अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारी की जरूरत के बारे में शासन को बताया गया था.

ये भी पढ़ें:- सागर में युवक को ज़िंदा जलाने के विरोध में बीजेपी का आज फिर आंदोलनCPM कार्यकर्ता ने चौराहे पर खुद को लगाई आग, थैली में मिले CAA विरोधी पर्चे

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 25, 2020, 12:05 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर