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मध्य प्रदेश के 20 शिक्षकों पर लटकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की तलवार, ये है मामला

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 27, 2019, 7:34 PM IST
मध्य प्रदेश के 20 शिक्षकों पर लटकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की तलवार, ये है मामला
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) में अब केंद्र का फॉर्मूला (Formula) लागू होने जा रहा है. यानि स्कूल शिक्षा विभाग में काम ना करने वाले शिक्षकों पर 20-50 का फार्मूला तय होगा. जल्दी ही बच्चों को ना पढ़ाने वाले शिक्षकों पर 20-50 के फॉर्मूले के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में शिक्षा (Education) को बेहतर बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग नए-नए प्रावधान कर रहा है. स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी (Dr Prabhuram Choudhary) ने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया. इस मौके पर डॉ. चौधरी ने कहा कि शिक्षकों के स्तर को जानने के लिए उनकी परीक्षा ली गई थी. पहली बार फेल होने वाले शिक्षकों (Teachers) को दूसरा मौका भी दिया गया था. ट्रेनिंग के बाद शिक्षकों की परीक्षा ली गई थी, जिसमें 20 से ज्यादा शिक्षक फेल हो गए हैं. यानि शिक्षक 33 फीसदी अंक भी नहीं ला पाए हैं, ऐसे शिक्षकों पर स्कूल शिक्षा विभाग 20-50 का फॉर्मूला लागू करने जा रहा है. इस फॉर्मूले के तहत शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory retirement) दी जाएगी.

डी स्टार्ट फॉर्मूला भी किया तय
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का कहना है कि दूसरा फॉर्मूला डी-स्टार्ट है. इसके तहत प्राइमरी कक्षा के जो भी शिक्षक 8वीं के छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं, उन्हें भी नोटिस जारी किया जाएगा. नोटिस जारी करने के बाद शिक्षकों से जवाब भी मांगा जाएगा. स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का कहना है कि शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए ही शिक्षकों की परीक्षा ली गई थी. लेकिन जो भी शिक्षक पास नहीं हो पाए हैं वो शिक्षक बच्चों का भविष्य आखिर कैसे संवार पाएंगे, ऐसे में बच्चों की बेहतरी के लिए 20-50 और डी स्टार्ट के तहत कड़ी कार्रवाई जरूरी है.

शिक्षकों के खिलाफ लगाया केंद्र का फॉर्मूला

प्रदेश भर में पहली बार हुई परीक्षा में 3500 से ज्यादा शिक्षक बैठे थे. परीक्षा में शिक्षकों को कॉपी किताबें भी दी गई थीं. इसके बाद भी करीब 30 फीसदी शिक्षक परीक्षा पास नहीं कर सके थे. इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग में फेल शिक्षकों को दूसरा मौका दिया था. जिसके बाद भी 20 शिक्षक परीक्षा में पास नहीं हो सके हैं. इन शिक्षकों पर अब केंद्र के फॉर्मूले का प्रयोग किया जा रहा है. अब तक केंद्र सरकार ने काम ना करने वाले आईएएस और आईपीएस, आईएफएस अधिकारियों की सूची मांगी थी, लेकिन अब कमलनाथ सरकार के मंत्री केंद्र के फॉर्मूले के आधार पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में हैं.

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First published: November 27, 2019, 7:16 PM IST
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