अपना शहर चुनें

States

20 दिन में उद्योगों को 2000 करोड़ का नुकसान, मंडीदीप और गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में पसरा सन्नटा

इंडस्‍ट्री संगठनों के अनुसार अभी आम आदमी के लिए जरूरी सेवाओं से संबंधित इंडस्‍ट्री जैसे दाल मिल, ऑयल मिल, राइस मिल, सेनेटाइजर, फार्मा व कुछ अन्‍य इंडस्ट्रियों में काम हो रहा है. (सांकेतिक फोटो)
इंडस्‍ट्री संगठनों के अनुसार अभी आम आदमी के लिए जरूरी सेवाओं से संबंधित इंडस्‍ट्री जैसे दाल मिल, ऑयल मिल, राइस मिल, सेनेटाइजर, फार्मा व कुछ अन्‍य इंडस्ट्रियों में काम हो रहा है. (सांकेतिक फोटो)

खंडेलवाल ने बताया कि मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र (Mandideep Industrial Area) में करीब 450 से अधिक फैक्ट्रियां हैं, जिनका वार्षिक टर्नओवर करीब 25000 करोड़ रुपए हैं.

  • Share this:
भोपाल. कोरोना वायरस (Corona virus) का कहर राजधानी के उद्योग जगत पर भी दिखाई दे रहा है. यदि हम बात 20 दिन के लॉकडाउन (Lockdown) की करें तो राजधानी भोपाल के मंडीदीप और गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र (Govindpura Industrial Area) में उद्योग को करीब दो हजार करोड़ का नुकसान हुआ है. इन दोनों औद्योगिक क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है. सिर्फ इक्का-दुक्का आवश्यक सामग्री बनाने की फैक्ट्रियां ही खुली हुई हैं. लेकिन वहां पर भी मजदूरों की कमी के कारण काम नहीं के बराबर हो रहा है. छोटे से लेकर बड़े उद्योग-धंधे में गिरावट से व्यवसाय जगत के लोग टेंशन में हैं. उन्हें और बड़े नुकसान की चिंता सताने लगी है. मंडीदीप इंडस्‍ट्री एसोसिएशन के पूर्व अध्‍यक्ष संजय खंडेलवाल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान ही 2 हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हो चुका है.

खंडेलवाल ने बताया कि मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में करीब 450 से अधिक फैक्ट्रियां  हैं, जिनका वार्षिक टर्नओवर करीब 25000 करोड़ रुपए हैं. इसमें से 10000 करोड़ रुपए का सामान निर्यात किया जाता है. आने वाले दिनों में यह नुकसान और बढ़ सकता है, क्‍योंकि आयात व निर्यात पूरी तहर बंद है. उन्होंने बताया कि आरबीआई द्वारा ईएमआई पर दी गई छूट नाकाफी है. यदि इंडस्‍ट्री में उत्‍पादन तीन माह बंद रहता है तो वह बैठ जाएगी. हमें छूट की नहीं राहत की जरूरत है. हमारे यहां की कई निर्यातक उद्योगों के काफी आर्डर कैंसिल हुए हैं, लेकिन उन्होंने उन ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए कच्‍चे माल की व्‍यवस्‍था की हुई थी. ऐसे में वह काफी दबाव में हैं.

पोर्टिंग इंडस्‍ट्री बंद होने से परेशानी
इंडस्‍ट्री संगठनों के अनुसार अभी आम आदमी के लिए जरूरी सेवाओं से संबंधित इंडस्‍ट्री जैसे दाल मिल, ऑयल मिल, राइस मिल, सेनेटाइजर, फार्मा व कुछ अन्‍य इंडस्ट्रियों में काम हो रहा है. लेकिन उनके लिए सपोर्टिंग इंडस्‍ट्री बंद हैं, जैसे किसी भी माल की पैकिंग के लिए कुछ सामान की जरूरत होती है. पैकेजिंग इंडस्‍ट्री बंद है. ऐसे में माल पैक किससे होगा. इसकी तरही इनकी सपोर्टिंग इंडस्‍ट्री अगर चालू नहीं होती तो जरूरी सेवाओं की इंडस्‍ट्री भी जल्‍द ही बंद हो सकती है.
बिजली के फिक्स चार्ज


गोविंदपुरा इंडस्‍ट्री एसोसिएशन के अध्‍यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि हम सिर्फ उत्‍पादन नहीं कर रहे, लेकिन हमारे खर्चों में कोई कमी नहीं आई है. इंडस्‍ट्री के लोग अपने कर्मचारियों की सैलरी नहीं रोक रहे, इसके अलावा कोरोना वायरस के चलते लोगों को जरूरी सेवाएं भी प्रदान कर रहे हैं. गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों में करीब 20 हजार से ज्यादा मजदूर काम करते हैं. यहां ब्रेड, दवा, दूध, पानी, फार्मा से संबंधित कुछ उपकरण बनाने वाले कारखानों को छोड़ दिया जाए तो शेष उद्योग और कारखाने पूरी तरह बंद हैं.

ये भी पढ़ें- 

धर्म पूछकर सब्‍जी वाले की कर दी पिटाई, वीडियो वायरल होने के बाद हुआ गिरफ्तार

धर्म पूछकर सब्‍जी वाले की कर दी पिटाई, वीडियो वायरल होने के बाद हुआ गिरफ्ता
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज