भोपाल रेलवे स्टेशन पर गैंगरेप मामले में 3 बड़े अफसर सस्पेंड, रेस्ट हाउस में मिली शराब की बोतलें

भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ही वीआईपी रेस्ट रूम बनाया गया है. (सांकेतिक फोटो)
भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ही वीआईपी रेस्ट रूम बनाया गया है. (सांकेतिक फोटो)

जांच में यह बात सामने आई कि जिस वीआईपी रेस्ट हाउस (VIP Rest House) में गैंगरेप हुआ है, उसे बिना किसी परमिशन के जिम्मेदार अधिकारी ने आरोपियों को दिया था.

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भोपाल. भोपाल रेलवे स्टेशन (Bhopal Railway Station) पर युवती से गैंगरेप (Gangrape) के मामले में अब तक रेलवे प्रशासन 3 बड़े अधिकारियों को निलंबित कर चुका है. गैंगरेप में शामिल आरोपी राजेश तिवारी और आलोक मालवीय को पहले निलंबित किया जा चुका है. अब तीसरे धिकारी को भी जांच के दौरान निलंबित कर दिया गया है. इस पूरे मामले की जांच के लिए रेलवे ने हाईलेवल कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी की जांच में यह बात सामने आई कि जिस वीआईपी रेस्ट हाउस में गैंगरेप हुआ है, उसे बिना किसी परमिशन के जिम्मेदार अधिकारी ने आरोपियों को दिया था. ऐसे में प्रारंभिक जांच में आरोपी दोषी पाया गया. यही कारण है कि आरोपी राजेश तिवारी, आलोक मालवीय के निलंबन के बाद एक और पर गाज गिरी है. रेस्ट हाउस के कस्टोडियन अभिजीत साहा को भी निलंबित किया गया है. दोनों आरोपी के अपात्र होने के बावजूद अभिजीत साहा ने उनके के लिए रेस्ट रूम खोला था.

ये है पूरा मामला
भोपाल जीआरपी डीएसपी एनके रजक ने बताया कि युवती की शिकायत पर रेप की एफआईआर दर्ज की गई है. युवती का आरोप था कि दो लोगों ने उसके साथ वीआईपी रेस्ट हाउस के अंदर रेप किया है. आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है. युवती का मेडिकल कराया गया है और उसके भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं.

नौकरी के नाम पर गैंगरेप
आरोप है कि युवती के साथ नौकरी के नाम पर वारदात को अंजाम दिया गया. जीआरपी ने राजेश तिवारी और आलोक मालवीय के खिलाफ मामला दर्ज किया है. दोनों अधिकारी रेलवे के बताए जा रहे हैं. रेलवे के वीआईपी रेस्ट हाउस में गैंगरेप किया गया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों अधिकारियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर पीड़ि‍ता को वीआईपी रेस्ट हाउस में बुलाया और इसके बाद नशे में उससे जबरदस्ती की. दोनों अधिकारियों ने युवती को जान से मारने की भी धमकी दी थी, लेकिन वह किसी तरीके से वहां से भागने में सफल रही.



रेलवे स्टेशन पर है वीआईपी रेस्ट हाउस
भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ही वीआईपी रेस्ट रूम बनाया गया है. आरोप है कि दोनों अफसरों ने युवती को इसी रेस्ट हाउस में नौकरी दिलाने के सिलसिले में बुलाया था. आरोपी राजेश तिवारी सेफ्टी कॉन्सलर का काम करता है. दूसरे आरोपी की पहचान रेलवे अधिकारी आलोक मालवीय के रूप में हुई है. आरोप है कि आरोपियों ने रिटायरिंग रूम में ले जाकर बलात्कर किया. यूपी के आरोप के बाद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और वीआईपी रेस्ट हाउस को सील कर दिया. रेस्ट हाउस में आपत्तिजनक सामान और शराब की बोतलें भी मिलीं.
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