ग्रीष्मकालीन अवकाश के बहाने MP में फिर नौकरी से निकाल दिये गए अतिथि विद्वान

अतिथि विद्वानों ने cm अपील की है कि उन्हें वापस नौकरी में रखा जाए

अतिथि विद्वानों ने cm अपील की है कि उन्हें वापस नौकरी में रखा जाए

Bhopal. कोरोना संक्रमण (Corona) काल में अतिथि विद्वान बेरोजगारी के साथ संक्रमण से जूझ रहे हैं. ऐसे कठिन समय में इन लोगों ने सरकार से गुहार लगायी है कि उनके साथ ऐसी ज़्यादती न की जाए.

  • Share this:

भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) में फिर 300 अतिथि विद्वानों को नौकरी से निकाल दिया गया है. उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के महाविद्यालयों में 40 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश का सर्कुलर जारी किया था. उस आदेश की आड़ में गर्मी की छुट्टी के बहाने अब कॉलेजों से अतिथि विद्वानों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. अतिथि विद्वानों ने मुख्यमंत्री (CM) और उच्च शिक्षा मंत्री से कॉलेजों में वापसी को लेकर गुहार लगाई है.

उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के महाविद्यालयों में 40 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया है. अपर आयुक्त चंद्रशेखर वालिम्बे की ओर से सभी जिलों के लिए जारी आदेश में कहा गया है कि ग्रीष्मकालीन और अन्य अवकाश में अतिथि विद्वानों से काम लेने के लिए कॉलेजों में ना तो एकरूपता है और ना ही समानता है. कहीं अतिथि विद्वानों को कार्यमुक्त करने की स्थिति बनेगी तो कहीं काम दिया जाएगा. इसलिए प्राचार्य ही यह तय करेंगे कि अतिथि विद्वानों को कॉलेजों में कौन सा काम दिया जाए. बस विभाग के इसी आदेश के बाद सरकारी कॉलेजों ने अतिथि विद्वानों को नौकरी से निकालना (कार्यमुक्त करना) शुरू कर दिया..

300 से ज्यादा अतिथि विद्वान कार्यमुक्त

सागर, डिंडोरी, सीधी, कटनी, उज्जैन, ग्वालियर सहित कई जिलों के सरकारी कॉलेजों से अतिथि विद्वानों को नौकरी से निकाल दिया गया है. अभी तक 300 से ज्यादा अतिथि विद्वान सरकारी कॉलेजों से कार्यमुक्त किए जा चुके हैं. 500 से ज्यादा अतिथि विद्वान पहले से ही 17 महीनों से कॉलेज में वापसी के लिए संघर्ष कर रहे थे और अब ये 300 और उसमें शामिल हो गए हैं. दरअसल सरकार ने पूर्व में 2300 अतिथि विद्वानों को निकाल दिया था बाद में उनमें से 1600-1700 की वापसी हो गई थी, लेकिन बच्चे हुए 500 लोगों के लिए 450 पदों की फाइल अभी भी वित्त विभाग के पास अटकी हुई है.


अतिथि विद्वानों ने सीएम ने लगाई गुहार

कोरोना संक्रमण काल में अतिथि विद्वान बेरोजगारी के साथ संक्रमण से जूझ रहे हैं. ऐसे कठिन समय में इन लोगों ने सरकार से गुहार लगायी है कि उनके साथ ऐसी ज़्यादती न की जाए. इन लोगों की सीएम शिवराज सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री से गुजारिश है कि सरकार वादे को पूरा करे.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज