MP में ऐसे हैं स्वाइन फ्लू के हालात, नये साल में गयी 38 लोगों की जान

स्वाइन फ्लू
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डॉक्टरों का कहना है स्वास्थ्य विभाग तो अलर्ट है ही. लेकिन असल सावधानी आम जनता को ही बरतना पड़ेगी.

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मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू तेज़ी से फैल रहा है. नये साल के पौने दो महीने में अब तक 38 लोगों की मौत इससे हो चुकी है. इनमें से 32 तो सिर्फ इंदौर,भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के केस शामिल हैं. बाकी 6 लोगों की मौत प्रदेश के अन्य इलाकों में हुईं. आज विधानसभा में भी ये मुद्दा उठा और सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर चिंता जताई.

NDNC की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले साल 2018 में एमपी में स्वाइन फ्लू से सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी. पिछले साल 24 लोग मरे थे. साल 2019 के दो महीने में मौत का आंकड़ा 38 पहुंच गया है जो बेहद चिंताजनक है. राजधानी भोपाल में स्वाइन से एक ही दिन में 3 और लोगों क मौत हो गयी. इस आंकड़े के साथ भोपाल में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 10 पर जा पहुंची है.

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ग्वालियर में इस सीजन में 20 दिन में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और दो मरीज़ों को दिल्ली रैफर किया गया है. चारों मरीजों की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हुई. अभी कुल 8 मरीजों का इलाज चल रहा है. इंदौर में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 14 हो गयी है और जबलपुर में बीते 1 महीने में 4 लोगों की मौत हो चुकी है.
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स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है. सीएम कमलनाथ ने भी इन हालात पर चिंता जताते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो प्रदेश के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर भी डॉक्टर तैनात किए जाएंगे. डॉक्टरों का कहना है स्वास्थ्य विभाग तो अलर्ट है ही. लेकिन असल सावधानी आम जनता को ही बरतना पड़ेगी.
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