Home /News /madhya-pradesh /

पॉकेट मनी से पूरे नहीं हो रहे थे महंगे शौक, 4 छात्रों ने बनाया गैंग और...

पॉकेट मनी से पूरे नहीं हो रहे थे महंगे शौक, 4 छात्रों ने बनाया गैंग और...

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीन स्टूडेंट्स को गिरफ्तार कर लिया है. गैंग का सरगना फरार है.

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीन स्टूडेंट्स को गिरफ्तार कर लिया है. गैंग का सरगना फरार है.

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीन स्टूडेंट्स को गिरफ्तार कर लिया है. गैंग का सरगना फरार है.

भोपाल. रीवा से पढ़ाई के लिए राजधानी भोपाल आए चार स्टूडेंट (student) अपने महंगे शौक पूरा करने के चक्कर में वाहन चोर (Vehicle thief) बन गए. शौक इतने महंगे थे कि घर से आने वाली पॉकेट मनी कम पड़ रही थी. चारों ने गैंग बनाया और दोपहिया (टूव्हीलर्स) गाड़ियां चुराने लगे. पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीन स्टूडेंट्स को गिरफ्तार कर लिया है. गैंग का सरगना फरार है.

पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से चोरी की 13 बाइक, 3 फर्जी आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड, 1 वोटर कार्ड और 6 फर्जी रजिस्ट्रेशन बरामद किए. आरोपियों की पहचान रीवा के उमेश पटेल, गजेंद्र पटेल और कृष्णा मिश्रा के रूप में हुई है. गिरोह का सरगना अनूप मिश्रा फरार है.अनूप मिश्रा भी रीवा के गांव मैदानी तहसील चुरहट का रहने वाला है. ये चारों पढ़ाई के लिए भोपाल आए थे.

ऐसे पकड़े गए आरोपी
पिपलानी पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी थी कि तीन आरोपी उमेश पटेल, गजेंद्र पटेल और कृष्णा मिश्रा भेल इलाके में दोपहिया वाहन चोरी करने की फिराक में घूम रहे हैं. सूचना पर पुलिस की एक टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपियों ने खुद को स्टूडेंट बताकर पुलिस को गुमराह किया. जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया. एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि गैंग का सरगना अनूप मिश्रा है. तीनों आरोपियों ने अनूप मिश्रा के साथ मिलकर भोपाल के अलग-अलग इलाकों से दोपहिया वाहन चोरी किए थे.

फर्जी दस्तावेज़ से लगाते थे ठिकाने
आरोपियों ने कुछ महीने पहले ही अपना गैंग बनाया है. जब उन्होंने पहली बाइक चुरायी थी तो उसे बेचने में बहुत दिक्कत हुई थी. दस्तावेज ना होने के कारण गाड़ी बेचने में समय लगा था. उसका दाम भी कम मिला था. उसके बाद इन लोगों ने गाड़ी के नंबर के जरिए से उसकी तमाम जानकारी ली फिर उसी नाम, पते के रजिस्ट्रेशन कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार करने शुरू कर दिया. जाली दस्तावेज़ों के आधार पर आरोपी गाड़ियों को अच्छे दामों में ठिकाने लगाने लगे. आरोपियों ने कुबूला कि वो अब तक एक बाइक रातीबड़, एक कमला नगर और नौ बाइक पिपलानी इलाके से चुरा चुके हैं.



इसलिए बन गए वाहन चोर
पुलिस को आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वो रीवा से पढ़ाई करने के लिए राजधानी भोपाल आए थे. परिवारवाले उन्हें हर महीने खर्च के लिए पैसे भी भेजते थे. लेकिन इन सभी स्टूडेंट को महंगे शौक की लत लग गई.घर से आने वाले पैसे कम पड़ने लगे. समय से पहले ही उनके पैसे खत्म हो जाते. ऐसे में अपने महंगे शौक पूरा करने के लिए आरोपियों ने मिलकर गैंग बनाया और गाड़ियां चुराना शुरू किया. आरोपियों ने जिन लोगों को गाड़ी बेची थी वो सारी गाड़ियां ज़ब्त कर ली गई हैं.

ये भी पढ़ें :-

महाकाल मंदिर में दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को मिलेगी ये नयी सुविधा

नेपाल के उपराष्ट्रपति का सलाहकार बताकर ठाठ-बाठ से घूम रहा था नटवरलाल

Tags: Bhopal news, Jewelry Theft, Police

अगली ख़बर