कोरोना का एक और रोना - महामारी के सिर्फ 6 महीनों में MP में गायब हुए 5446 बच्चे

मिसिंग चिल्ड्रन्स डे 25 मई को मनाया जाता है.

मिसिंग चिल्ड्रन्स डे 25 मई को मनाया जाता है.

25 मई को 'इंटरनेशनल मिसिंग चिल्ड्रन्स डे' (Missing Children's Day) मनाया जाता है. इस दिन लापता बच्चों को याद करते हुए बच्चों के लिए सुरक्षित दुनिया बनाने के बारे में विचार किया जाता है. इस दिन पढ़िए एक खास रिपोर्ट से हुए खुलासे.

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भोपाल. चाइल्स राइट्स एंड यू (CRY) संस्था ने 'कोविड और खोता बचपन : 5 राज्यों की स्टेटस रिपोर्ट' शीर्षक से एक स्टडी जारी की, जो मध्य प्रदेश के लिए खासी चिंता का विषय बन गई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से जुलाई 2020 के बीच मध्य प्रदेश से 5446 बच्चों के गायब होने की बात कही गई. अंतर्राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस के मौके पर क्राय ने यह रिपोर्ट जारी करते हुए यह भी कहा कि 80% फीसदी मामलों में गुमशुदा होने वाले बच्चों में लड़कियां रहीं. एक और फैक्ट चिंताजनक है कि जिन पांच उत्तरी राज्यों को लेकर यह रिपोर्ट तैयार की गई, सबसे खराब आंकड़े एमपी के मिले.

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा के साथ ही मध्य प्रदेश पर इस स्टडी को केंद्रित किया गया, जिसमें कोरोना काल में गायब हुए बच्चों की स्थिति को जानने की कोशिश की गई. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस स्टडी के डेटा को जुटाने के लिए एनसीआरबी की वार्षिक रिपोर्ट, आरटीआई और पुलिस विभाग व सरकार से मिली जानकारियों को आधार बनाया गया. क्राय की इस रिपोर्ट ने किस संकट की तरफ किस तरह इशारे किए हैं, तमाम डेटा और विश्लेषण देखिए.

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मप्र में कोविड महामारी के छह महीनों में गायब बच्चों की संख्या चिंताजनक रही लेकिन लॉकडाउन के महीनों में अपेक्षाकृत कम बच्चे लापता हुए.

57% केस सिर्फ एमपी में!

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